मैंने लाखों लरजते हुए लोगों का खून सड़कों पर गिरते पानी से भी सस्ते बहते देखा है। मेरी सियासी जिंदगी का सफर जिंदाबाद के नारों से शुरू नहीं हुआ था। मेरा सफर मजलूम और कमजोरों की लड़ाई से शुरू हुआ था। मामूली सफर नहीं है मेरी जिंदगी का।
आजम खां ने कहा कि मैंने आपके शहर को इस उत्तर प्रदेश को आपके मामलात को, आपका तीन तलाक़ का मसला हो अयोध्या राम जन्म भूमि हो कानूनी शरीयत हो मैंने यही तो कहा यह जाती मामला है यह आपसी लड़ाई का नहीं अदालत के फैसले का इंतजार करो और क्या कहा यही लड़ाई तो लड़ी आपकी उसी की तो सजा है यह। क्यों हार गया वो जिसने दौलत के अंबार लगा दिए यहां पर। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य डॉ. तजीन फात्मा, विधायक अब्दुल्ला आजम, आसिम राजा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।