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जनसभा में रो पड़े आजम, बोले- यह साथी एक किलो वजन बढ़ाकर नहीं 22 किलो घटाकर खड़ा है

Sun, 13 Oct 2019 09:36 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
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आजम खां, तजीन फात्मा और विधायक अब्दुल्ला आजम - फोटो : अमर उजाला
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रामपुर से सांसद आजम जनसभा को संबोधित करते वक्त रो पड़े। उन्होंने कहा कि वह मुकदमों और पुलिस की जांच की वजह से टूट गए हैं। वजन 22 किलो कम हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर सौ साल के दरख्त पर डकैती की तफसील के सौ नोटिस चस्पा कर दोगे तो वह सूख कर गिर जाएगा। मुझसे महिला थाने में सवाल पूछा जा रहा है कि हिंदुस्तान से बाहर आपकी कितनी संपत्ति है। लोकसभा के चुनाव में जीत का हिसाब अभी तक नहीं दे पाया हूं, विधानसभा के उप चुनाव के बाद पता नहीं क्या हो। 

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आजम खां शनिवार की रात मोहल्ला खजान खां के कुआं में एक जलसे को संबोधित करते हुए भावुक हो गए। अपनी आंख के आंसू पोंछते हुए उन्होंने कहा कि जिसे तुम अपना आदर्श मानते हो वह चोर है, डाकू है। बताओ इस एहसास को लेकर कोई खुद्दार गैरतदार इंसान कैसे जिंदा रह सकता है, मगर मैं जिंदा हूं। मैं अपराधी हूं, मुजरिम हूं। इसलिए मुजरिम हूं कि मैं आपका वकील हूं। मैं आपकी खुशियां चाहता हूं। 

आजम बोले, मामूली सफर नहीं है मेरी जिंदगी का। इतना लंबा सफर गुजारने के बाद तुम्हारा यह साथी एक किलो वजन बढ़ाकर नहीं 22 किलो घटाकर तुम्हारे सामने खड़ा है। रोते हुए कहा मैं तो यह समझता था कि हिंदुस्तान के करोड़ों लोग मुझे एक अच्छे सियासतदां और एक अच्छे इंसान के तौर पर जानते हैं। बहुत कम उम्र से यहां तक का सफर जिसमें मैंने मलियाना, हैदराबाद का रंग, कैराना और मुरादाबाद की ईदगाह का रंग देखा है। 

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मैंने लाखों लरजते हुए लोगों का खून सड़कों पर गिरते पानी से भी सस्ते बहते देखा है। मेरी सियासी जिंदगी का सफर जिंदाबाद के नारों से शुरू नहीं हुआ था। मेरा सफर मजलूम और कमजोरों की लड़ाई से शुरू हुआ था। मामूली सफर नहीं है मेरी जिंदगी का। 

आजम खां ने कहा कि मैंने आपके शहर को इस उत्तर प्रदेश को आपके मामलात को, आपका तीन तलाक़ का मसला हो अयोध्या राम जन्म भूमि हो कानूनी शरीयत हो मैंने यही तो कहा यह जाती मामला है यह आपसी लड़ाई का नहीं अदालत के फैसले का इंतजार करो और क्या कहा यही लड़ाई तो लड़ी आपकी उसी की तो सजा है यह। क्यों हार गया वो जिसने दौलत के अंबार लगा दिए यहां पर। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य डॉ. तजीन फात्मा, विधायक अब्दुल्ला आजम, आसिम राजा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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