किताब-कापियां तथा पढ़ाई का अन्य सामानों की लगातार बढ़ती कीमतों से तंग अभिभावक लगातार इन पर लगाम कसने की मांग कर रहे हैं। शोर मचने पर सेल्स टैक्स विभाग की नींद टूटी है। शुक्रवार को टीम ने शहर के दो स्कूलों में छापेमारी की, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला।
इस कार्रवाई से अभिभावकों को तो महंगाई पर लगाम कसने की उम्मीद जगी है लेकिन स्कूलों में कुछ न मिलने सवाल जरूर खड़े कर रहा है, क्योंकि अधिकांश स्कूलों में कापियां, बैज, बेल्ट, डायरी तथा अन्य सामान बेचा जाता है। स्कूलों की दुकानें भी तय हैं, जहां से किताब-कापियां लेना अभिभावकों की मजबूरी है।
सेल्स टैक्स के डिप्टी कमिश्नर आरके सिंह टीम के साथ शुक्रवार की दोपहर शहर के दो चर्चित स्कूल बोनी एनी और पीएमएस में पहुंचे। यहां इन्होंने स्कूल स्टाफ से किताब-कापियां तथा बच्चों की ड्रेस से जुुड़ा अन्य सामान बेचने की जानकारी ली।
आरके सिंह ने बताया कि स्टाफ ने स्कूलों से कोई भी सामान बेचे जाने से इंकार किया। चेकिंग और बच्चों तथा अभिभावकों से बातचीत के दौरान भी कोई जानकारी नहीं मिली। टीम ने ये जानकारी भी ली कि बच्चे किन दुकानों से स्कूल की किताबें ले रहे हैं। छापे के संबंध में पीएमएस के प्रिंसिपल मैथ्यू का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ था।