इसके अलावा 22 जुलाई को टांडा के मोहल्ला हाजीपुर में मोहम्मद जुनैद की दुकान पर दबिश देकर सात किलो फहमीदा कलर मसाला टी जब्त की गई थी। इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे जिनकी रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आया है। विभाग ने संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी कर बिक्री बंद करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही अन्य दुकानदारों को भी चेतावनी दी गई है कि वे इस चाय की बिक्री न करें। कहीं भी बिक्री होती मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्यवाहक खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव कुमार का कहना है कि फहमीदा कलर मसाला टी और गुडवाइल टी के सैंपल फेल होने के बाद जनपद में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
उनका कहना है कि फहमीदा कलर मसाला टी का उत्पादन कहां हो रहा है और किन-किन दुकानों पर इसकी आपूर्ति की जा रही है, इसका पता लगाया जा रहा है।
सेवन से कैंसर और अल्सर का खतरा : डा. बीके वर्मा
रामपुर जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. बीके वर्मा का कहना है कि लोहे के बारीक कण और प्रतिबंधित रंग वाली चायपत्ती का सेवन बेहद खतरनाक हो सकता है। इसके लगातार सेवन से कैंसर और अल्सर का खतरा रहता है। साथ ही कई अन्य गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं।
जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के दाैरान फहमीदा कलर मसाला टी और गुडवाइल टी वजन में अपेक्षाकृत भारी होने के कारण मिलावट का शक हुआ। इसके बाद सैंपल जांच के लिए भेजा गया तो उसमें लोहे के बारीक कण और प्रतिबंधित रंग पाए गए। इसकी बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही जांच पड़ताल की जा रही है। -संजीव कुमार, कार्यवाहक खाद्य सुरक्षा अधिकारी