कांठ। जन संख्या वृद्धि को नियंत्रण में करने के लिए चल रहे परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत नसबंदी कैंप के दौरान एक भी पुरुष की नसबंदी नहीं कराने के आरोप में सीएचसी के पांच स्वास्थ्य कर्मचारियों के एक-एक दिन का वेतन रोक लगाई गई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव सिंह द्वारा इसकी संस्तुति की गई है।
पिछले दिनों कांठ सीएससी में नसबंदी कैंप आयोजित किया गया था, जिसमें महिलाओं के साथ ही कम से कम एक-एक पुरुष की नसबंदी कराए जाने का लक्ष्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव सिंह द्वारा पांच स्वास्थ्य कर्मियों को दिया था लेकिन कैंप के दौरान एक भी पुरुष का नसबंदी ऑपरेशन नहीं कराया गया। इसे घोर लापरवाही और कार्य के प्रति उदासीनता मानते हुए चिकित्सा अधीक्षक ने हेल्थ सुपरवाइजर भगवान सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी उमेश कुमार, एआरओ नबी हसन, बीसीपीएम सैय्यद यासिर अली सहित पांच कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन रोके जाने के निर्देश दिए हैं, उन्होंने इसकी संस्तुति करते हुए सीएमओ और परिवार कल्याण नियोजन के नोडल अधिकारी को रिपोर्ट भेजी है। इसी साथ ही संबंधित कर्मचारियों को साफ तौर पर चेतावनी भी दी है कि यदि आगामी कैंप में उनके द्वारा पुरुष नसबंदी नहीं करवाई गई तो सभी का एक-एक माह का वेतन रोकने नहीं बल्कि काटने की संस्तुति की जाएगी। जिसके जिम्मेदार वह स्वयं होंगे।