फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: आचार संहिता की सुगबुगाहट, भाजपा नेताओं ने डाला डेरा

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। चुनाव आचार संहिता की सुगबुगाहट के बीच भाजपा नेताओं ने जिले में डेरा डाल दिया है। सोमवार को भाजपा नेता अनुसूचित जाति मोर्चा के सम्मेलन में शामिल होंगे। कुंदरकी उपचुनाव को लेकर बनाई गई रणनीति के तहत भाजपा ने पिछड़े और दलित नेताओं को आगे कर पूरी ताकत झोंक दी है। चर्चा है कि चार या पांच दिनों में अधिसूचना जारी हो सकती है।
विज्ञापन

भाजपा ने कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव की जिम्मेदारी पार्टी ने कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को सौंपी है। पार्टी ने चुनाव आचार संहिता की सुगबुगाहट के कारण पार्टी ने अनुसूचित जाति मोर्चा का सम्मेलन सोमवार को आयोजित किया हैं। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मंत्री असीम अरूण, जिले के प्रभारी मंत्री अनिल कुमार जाटव, अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राम चंद्र कन्नौजिया भाग लेंगे। कार्यक्रम को कराने का मुख्य उद्देश्य कुंदरकी विधानसभा का उप चुनाव माना जा रहा है।
00
विधायक के नेतृत्व में कमेटी गठित
कुंदरकी उपचुनाव के लिए नगर विधायक रितेश गुप्ता को चुनाव प्रभारी बनाया गया है। चुनाव क्षेत्र के शक्ति केंद्रों पर कलीम अख्तर, आनंद पाल और किशन लाल जाटव को प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। विधानसभा क्षेत्र में बूथ अध्यक्ष मंजूर रजा, मो. रिहान, माजिद, फिरोज, रिजवान और बाबू को बनाया गया है।
विज्ञापन



चार सड़कों का मंत्री ने किया भूमि पूजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुंदरकी क्षेत्र की पांच सड़कों का शिलान्यास पहले ही कर चुके है लेकिन भाजपा ने चुनाव की सुगबुगाहट के कारण रविवार को भूमिपूजन कर कार्य शुरू कराया ताकि सड़क निर्माण में अधिसूचना आड़े न आ सके।

सपा के लिए मजबूत सीट
जिलाउर्रहमान बर्क के सांसद चुने जाने के कारण कुंदरकी सीट रिक्त हुई है। पार्टी ने इस सीट की जिम्मेदारी जिलाध्यक्ष के साथ चार विधायकों पर सौंपी है। अभी सपा, भाजपा और बसपा ने अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। समझा जाता है कि अधिसूचना जारी होने के बाद प्रमुख दल अपने-अपने प्रत्याशी की घोषणा करेंगे।


1967 में अस्तित्व में आई थी कुंदरकी सीट
कुंदरकी विधानसभा सीट पर अब तक के इतिहास में भाजपा सिर्फ एक बार 1993 में जीतने में सफल हुई थी। इसके बाद से सपा और बसपा का ही इस सीट पर कब्जा रहा है। 1967 में कुंदरकी सीट अस्तित्व में आई। इसके बाद 15 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। 1993 में भाजपा के टिकट पर चंद्र विजय सिंह उपचुनाव और जीते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें