पुलिस की जांच में आरोपी प्राइवेट कंपनी का कर्मचारी निकला। आरपीएफ ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया। बाद में उसे जमनात पर छोड़ दिया गया। घटना बृहस्पतिवार देर रात 12 बजे के बाद की है। देहरादून निवासी राजीव त्रिपाठी ट्रेन की एसी-2 बोगी में सफर कर रहा था। शराब के नशे में वह सहयात्रियों को परेशान कर रहा था। इस पर किसी ने ट्वीट किया तो सूचना रेलवे तक पहुंची। मुरादाबाद में ट्रेन रुकी तो जीआरपी व आरपीएफ की टीम पहुंची।
उन्होंने आरोपी को पकड़ा तो वह पुलिस से उलझने लगा।
नीचे उतारने की कोशिश की तो उसने आरपीएफ जवान की वर्दी फाड़ने का प्रयास किया। खुद को उत्तराखंड के पंचायती राज विभाग का संयुक्त निदेशक बताया। आरपीएफ ने जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण कराया। इसमें शराब की पुष्टि हुई। आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी राजीव त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। वह पंचायती राज विभाग में संयुक्त निदेशक नहीं है, बल्कि किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है।