मुरादाबाद। रामगंगा पुल की मरम्मत के लिए शासन ने 94 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। दो दिन में पीडब्ल्यूडी मरम्मत के लिए टेंडर जारी करेगा। रामगंगा पुल के दो पिलरों की बियरिंग खिसकने के बाद भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है, लेकिन अभियंताओं ने इसे सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बताया है। पुल की मरम्मत का काम शुरू होने पर वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा।
रामपुर रोड पर डियर पार्क के समीप रामगंगा नदी पर 64 साल पहले पुल बना था। सीएम के आदेश के बाद दो माह पहले पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ने पुल का निरीक्षण किया तो पिलर संख्या सात और ग्यारह की बियरिंग अपने स्थान से खिसकी मिली थी। इससे पुल बिल्कुल हिल नहीं रहा था। सामान्य तौर पर वाहनों के आवागमन पर पुल हिलना चाहिए।
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ने सेतु निगम से पुल की जांच कराई। सेतु निगम के पीडी शशिकांत ने पुल का निरीक्षण किया तो उनकी जांच में बियरिंग खिसकने के अलावा अन्य कमियां भी पाई गईं। सेतु निगम के पीडी की रिपोर्ट के आधार पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने पुल की मरम्मत के लिए 95 लाख का एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया था। शासन ने पुल की मरम्मत को स्वीकृति देने के साथ ही 94 लाख रुपये जारी कर दिए हैं।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता कुलदीप संत ने कहा कि दो दिन में मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। टेंडर खुलने के बाद मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी पुल पर वाहनों का आवागमन बंद कराने के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध करेगा। पुल पर भारी वाहनों के आवागमन से पीडब्ल्यूडी के अभियंता चिंतित हैं। शहर में रामपुर और उत्तराखंड से आवागमन के लिए यह पुल काफी अहम है।
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गांगन पुल की मरम्मत के लिए नहीं मिला धन
दिल्ली रोड स्थित गांगन पुल भी काफी जर्जर हो गया है। कांवड़ यात्रा से पहले सेतु निगम ने पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने का अनुरोध जिला प्रशासन से किया था। इस पुल की मरम्मत के लिए सेतु निगम के पीडी ने एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन शासन ने अभी धन की मंजूरी नहीं दी है।