मुरादाबाद। दस माह पहले एक हादसे में क्षतिग्रस्त हुई परिवहन निगम की वीआईपी कार अब अफसरों के लिए दुविधा बन गई है। अभी तक कार की मरम्मत नहीं हो सकी इसके बावजूद रोडवेज प्रबंधन ने सर्विस सेंटर को 40 हजार रुपये चुकाए हैं। क्षतिग्रस्त हालत में कार को अब रोडवेज की वर्कशाप में लाकर खड़ा किया गया है। मुख्यालय से फंड आने के बाद ही इसकी मरम्मत हो सकेगी।
दस माह पहले रोडवेज की यह वीआईपी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। एक्सीडेंट होने पर उसे ठीक कराने को कंपनी के सर्विस सेंटर भेजा गया। कंपनी ने मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनाकर दिया जो कि रोडवेज अधिकारियों ने मुख्यालय को भेजा। इस भारी भरकम रकम वाले एस्टीमेट को मुख्यालय ने नामंजूर कर दिया। इसके बाद भी संबंधित अधिकारियों ने सर्विस सेंटर से कार वापस मंगाने की जहमत नहीं उठाई। अब 10 माह बाद जब अधिकारी कार लेने सर्विस सेंटर पहुंचे तो कंपनी ने गाड़ी खड़ी कराने और सिक्योरिटी चार्ज के नाम पर 40 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद कार को ले जाने दिया। अब इस कार को क्षतिग्रस्त हालत में ही रोडवेज की वर्कशाप में खड़ा किया गया है। क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल जैन का कहना है कि कार कंडम घोषित होगी या इसकी मरम्मत कराई जाएगी फिलहाल यह कहना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि एक्सीडेंट करने वाले चालक से यह रकम वसूल की जाएगी।