मुरादाबाद। लंबे इंतजार के बाद प्रदेश की रोडवेज बसों को दिल्ली और उत्तराखंड में प्रवेश की अनुमति मिल गई है। अब रोडवेज की बसें दोनों राज्यों के विभिन्न जनपदों तक यात्रियों को पहुंचा सकेंगी। इस घोषणा के लिए यात्री लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। अब तक कोविड-19 नियमों के कारण बसों को प्रदेश की सीमा पर ही रोक लिया जाता था, जिससे यात्रियों को दूसरे वाहनों में अधिक किराया लगाकर आगे की यात्रा तय करनी पड़ रही थी।
खासकर गर्मियों में समर ट्रिप पर जा रहे लोगों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा था।
बस संचालन की घोषणा के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली है। मुरादाबाद परिक्षेत्र के सात डिपो से दिल्ली के लिए 150 जबकि उत्तराखंड के लिए 135 बसें चलती हैं। इन बसों में प्रतिदिन तकरीबन 49 हजार यात्री सफर करते हैं। इससे परिवहन निगम को 27 लाख रुपये की आय होती है। मुरादाबाद से सबसे ज्यादा ट्रैफिक दिल्ली और उत्तराखंड की बसों में ही रहता है।
आरएम अतुल जैन का कहना है कि दोनों राज्यों की सरकारों में विचार विमर्श के बाद गृह राज्य मंत्रालय ने बसों के संचालन की अनुमति दी है। आठ जुलाई से इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा के लिए बसों का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है।