मुरादाबाद। रामगंगा का लगातार बढ़ रहा जलस्तर अब परेशानी खड़ी करने लगा है। मंगलवार को काशीपुर बाईपास और सलेमसराय-ढिढाली मार्ग पर कई जगह कटान शुरू हो गया। सड़क किनारे से धंस गई। लोकनिर्माण विभाग की टीम मिट्टी से भरे कट्टे लगाकार कटान को रोकने में जुटी रही। उधर कई गांवों में खेतों से होकर पानी सड़कों पर आ गया है जिससे गांवों के रास्ते बंद होने लगे हैं। लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों में दुपहिया लादकर आवागमन कर रहे हैं।
कालागढ़ और खो बैराज से छोड़े गए पानी के कारण रामगंगा का जलस्तर सोमवार को पांच सेमी और बढ़कर 190.40 सेमी पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से केवल 15 सेंटीमीटर दूर रह गया। रामगंगा का पानी तेज बहाव के साथ खेतों से होता हुआ काशीपुर बाईपास, सलेमसराय-ढिढाली मार्ग पर पहुंच गया था। लोक निर्माण विभाग के जेई आरके राय के अनुसार काशीपुर बाईपास पर मुरादाबाद से किमी छह पर करीब 125 सेमी सड़क कट गई थी। इसी तरह सलेमसराय-ढिढाली मार्ग पर भी चार जगह से सड़क कट गई है। विभाग ने दोनों जगहों पर अपने गैंग तकनीकी टीम भेजी। टीमों ने मिट्टी और रेत के भरे हुए बोरे लगाकर कटान रोकने का प्रयास किया।
उधर काफियाबाद में रामगंगा का पानी भरने से इस गांव से जुड़े संपर्क मार्गों पर आवागमन बंद हो गया है। गांव के युवाओं ने यहां पर करीब 20 फीट लंबा अस्थायी पुल बनाया गया है। जिससे दुपहिया वाहन और लोगों का आवागमन हो रहा है। घोसीपुरा, अक्का भीकमपुर, शाहुर गनीमत नगर आदि गांव हैं। कई गांवों में सड़क पर पानी भरने से लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों पर वाहन लादकर ले जा रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता एमडी गंगवार, जेई आरके राय ने बताया कि उन्होंने सोमवार शाम को दोनो मार्गों का निरीक्षण कर एहतियात व्यवस्था पहले ही कर ली थी।
शहर के इलाके भी जलमग्न, कौन करे सुनवाई
शहर में भी रामगंगा का असर है। जामा मस्जिद क्षेत्र में रसूलपुर-बरबलान में भी बारिश का पानी भर गया था। लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। शौकीन, रहमत अली आदि ने बताया कि उन्हें ये ही नहीं पता कि उनकी समस्या कौन सुनेगा। कम से कम अधिकारी यहां आकर देखें तो सही। रामगंगा विहार में भी पीछे की तरफ मकानों तक पानी आ रहा है।
किस मार्ग पर कितने गांव
सलेमसराय-ढिढाली मार्ग : 14 किमी लंबे इस मार्ग पर मोहब्बतपुर, रीठावाला, सलेमसराय, चटकाली, मस्तापुर, काजीपुर, सियाली, मझोली, गक्करपुर, चंगेरी, ढिढाली गांव पड़ते हैं। इनमें से अधिकांश गांव प्रभावित हैं और खेतों में पानी भी भरा है। चटकाली गांव में पिछले साल बनी पुलिया तक पानी आ गया है।
काशीपुर मार्ग : करीब 16 किमी इस मार्ग पर इस्लामपुर, गोहरुख चिता की मढई, सिलऊ, मनकबा, मंसूरपुर, धारक नंगला गांव पड़ते हैं। ये गांव भी रामगंगा के पानी से प्रभावित हैं।
रामगंगा का बढ़ता जलस्तर
21 अगस्त 189.83
22 अगस्त 190.08
23 अगस्त 190.26
24 अगस्त 190.40
25 अगस्त 190.45
...तो बंद कराए जा सकते हैं दोनों मार्ग
रामगंगा का पानी काशीपुर बाईपास और सलेमसराय-ढिढाली मार्ग पर पहुंचने से दोनों मार्गों पर पांच छह जगह कटान हो गया था। बहाव तेज देख दोनों मार्गो को बंद करने पर विचार होने लगा था। लोकनिर्माण विभाग के जेई आरके राय ने सुबह करीब 10 बजे बताया था कि यदि जलस्तर और बहाव कम नहीं हुआ तो शाम को विभागीय स्तर पर जिलाधिकारी को पत्र लिखकर दोनों मार्गों को बंद कराने का अनुरोध कर दिया जाएगा लेकिन शाम करीब पांच बजे जलस्तर पांच सेमी कम होने की जानकारी मिलने पर फिलहाल इसे टाल दिया गया।
दो मार्गों पर कटान हुआ है। कटान रोकने के लिए दोनों स्थानों पर दल लगा दिए गए हैं। उनके द्वारा कटान वाले स्थानों पर रेत मिट्टी के बारे लगाए गए हैं। यदि जलस्तर और बढ़ता है या कटान अधिक होता है तो जिला प्रशासन को इन दोनों मार्गों को बंद करने के लिए अनुरोध पत्र भेजा जाएगा। हालांकि शाम को जलस्तर कम होने की जानकारी मिली है।
- आरके राय, जेई पीडब्लूडी।
सुबह जलस्तर पांच सेमी बढ़ा था, लेकिन शाम को यह कम हो गया था। फिलहाल और पानी छोड़ने की सूचना भी नहीं है। यदि बारिश नहीं हुई तो पानी नहीं आने की संभावना है लेकिन स्पष्ट तौर पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
- मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड।