गांव गंगानगर में अमरोहा और बुलंदशहर जिले के बीच गंगा पुल को जोड़ने वाली सड़क ध्वस्त हो गई है। यह सड़क गंगा में पानी के तेज बहाव से शनिवार की रात एक बजे किनारे की मिट्टी कटान से धंसी है। इसके कारण बुलंदशहर जिले से सीधा संपर्क कट गया है। डीएम बीके त्रिपाठी ने पहुंचकर बाढ़ खंड और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को तेजी से बचाव कार्य करके पुल मार्ग चालू कराने के निर्देश दिए।
पहाड़ी जलाशयों से जल छोड़ने की वजह से गंगा में पानी का बहाव तेज हो गया और उससे किनारे पर मिट्टी कटान बढ़ गया है। शनिवार रात करीब एक बजे गंगानगर में पुल को जोड़ने वाली सड़क और एप्रोच स्लैब ध्वस्त हो गया। करीब बीस मीटर सड़क कट गई। इससे बुलंदशहर जिले के लिए संपर्क कट जाने पर आवागमन ठप हो गया। रविवार को सुबह जिलाधिकारी बाल कृष्ण त्रिपाठी आला अफसरों के साथ मौके पर पहुंचे। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता और पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ज्ञान गुप्ता को भी मौके पर बुलाकर मरम्मत कार्य शुरू कराया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मिट्टी, कंकरीट व सीमेंट की डाउनस्ट्रीम व अपस्ट्रीम में विंगवाल बनवाया जाए। कटान को रोकने के लिए भी कार्य करने को कहा।
उधर, बुलंदशहर के स्याना की एसडीएम मधुमिता सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर बुगरासी भगवानपुर से हसनपुर को जाने वाले मार्ग पर आवागमन बंद करा दिया है।
गंगा किनारे के ग्रामों में बाढ़ के कारण सरदार पटेल इंटर कॉलेज जेवड़ा व राजेश पायलट इंटर कॉलेज जेवड़ा में राहत शिविर बनाए गए हैं। जिनमें पर्याप्त कमरे, पानी, बिजली, शौचालय व स्नान घर हैं। प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति बढ़ने पर समय रहते लोगों से शिविरों में शिफ्ट होने की अपील की है। बताया गया है कि अगले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
भाजपा विधायक महेंद्र सिंह खड़कवंशी ने मौके पर पहुंचकर अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बाढ़ खंड के अधिकारियों को पहले से ही बताते हुए सड़क को कटान से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए कहा था। लेकिन जरूरी कार्य नहीं कराए गए। वे इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजेंगे। गंगानगर गांव बाढ़ के पानी से घिर गया है। पानी का क्षेत्रफल बढ़ने पर घरों में भी पानी घुस जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने के लिए कहा।
गंगानगर गंगा पुल को जोड़ने वाली सड़क ध्वस्त होने पर 35 किमी अधिक यात्रा करके बुलंदशहर के कस्बा बुगरासी पहुंचेंगे। जबकि गंगानगर से पुल के जरिए बुगरासी की दूरी मात्र छह किमी है। यात्रियों को ब्रजघाट एवं गढ़मुक्तेश्वर होकर बुगरासी के लिए जाना पड़ रहा है।
गांव नबावपुरा निवासी कौसिंदर ने बताया कि उन्हें बुगरासी ब्रजघाट होकर जाना पड़ा। फिर उसी रास्ते से वापस भी आए। जिसमें समय भी अधिक लगा और खर्च भी ज्यादा आया।
गांव जेबड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि पुल से रास्ता बंद होने की वजह से ब्रजघाट होकर जाना पड़ा।
रास्ता बंद होने से गंगानगर, जयतौली, गंगवार, हाकमपुर, बुरावली, छपना, मटीपुरा, लालापुर, जेबड़ा, मेहरपुर, जल्लोपुर, बरतौरा, तरौली, नबावपुरा, चंदनपुर, खुर्तियां, हिरनौटा, दौलतपुर, गांगटकोला, रूस्तमपुर, ढकिया, फिरोजपुर, फत्तेहपुर खादर, सोंहत, उझारी, मंगरौला, मंगरौली आदि गांवों से बुलंदशहर को जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
गंगानगर निवासी उमेश कुमार एवं पंकज कुमार कहना है गंगा का पानी रघुनाथ, ओमपाल, भोजराम, शीशपाल, हरपाल आदि के घरों के करीब तक पहुंच चुका है। यदि इसी तरह से गंगा का जलस्तर बढ़ता गया तो पानी घरों के भीतर तक घुस जाएगा। पशुओं के लिए चारे की किल्लत भी शुरू हो गई है। अधिकांश फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। संवाद