उत्तराखंड के हल्द्वानी और बरेली में हुए बवाल के बाद मुरादाबाद में लगातार चौकसी बरती जा रही है। शनिवार को पुलिस लाइन में दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें पुलिस कर्मियों को दंगा नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान हथियार भी चलवाए गए। पुलिस के अलावा दमकल विभाग की गाड़ियां और यूपी 112 के वाहन भी सायरन बजाते रहे।
एसएसपी हेमराज मीना ने इस दौरान पुलिस कर्मियों को मॉक ड्रिल की बारीकियां बताईं। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को हमेशा तैयार रहने चाहिए। उन्हें हथियार लाने और दंगा नियंत्रण करने की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
इसके बाद मॉक ड्रिल का आयोजन किया। मॉक ड्रिल के दौरान सादा वर्दी में दंगाई बने पुलिस कर्मियों पर वर्दीधारी पुलिस कर्मियों ने रबर बुलेट गन से वार किया और उन्हें कंट्रोल किया। भीड़ को तितर बितर करने के लिए दंगा नियंत्रण उपकरणों का अभ्यास कराया गया। जिसमें फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से पानी की बौछार, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले, एंटी राइट गन, टीयर गैस गन, हैंड ग्रेनेड के के बारे में विस्तार से बताया गया और इसके बाद दंगा नियंत्रण का अभ्यास भी किया गया। इस दौरान एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया, एसपी देहात संदीप कुमार मीना, सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर समेत अन्य अधिकारी रहे। मॉक ड्रिल के बाद अफसरों ने फोर्स के साथ शहर में पैदल मार्च किया। सिविल लाइंस से लेकर कोतवाली, मुगलपुरा, गलशहीद और कटघर क्षेत्र में भी पुलिस कर्मियों ने पैदल मार्चकर लोगों को सुरक्षा का एहसास दिलाया।