स्वार (रामपुर)। पुलिस ने खनन अधिकारी बनकर अवैध वसूली कर रहे रिटायर्ड दरोगा सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्त में लिए जाते वक्त चारों उत्तराखंड सीमा पर स्थित स्टोन क्रशर से रेत लेकर आ रहे वाहनों के चालकों से अवैध वसूली कर रहे थे। चालकों को फर्जी रसीद काटकर भी दे रहे थे। इनके कब्जे से फर्जी रसीद और एक बोलेरो पुलिस ने कब्जे में ली है। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का मास्टर माइंड नई दिल्ली निवासी एक व्यक्ति है। चारों को जेल भेजने के बाद मास्टर माइंड की तलाश शुरू कर दी है।
शुक्रवार को मिली एक सूचना के आधार पर खनन अधिकारी राजकुमार संगम और मसवासी चौकी प्रभारी कोमल सिंह टीम के साथ चौहद्दा के जंगल में पहुंचे। टीम ने सेवा मोड़ के पास से चार लोगों को रेत व बजरी के वाहनों की चेकिंग कर रसीदें काटते हुए पकड़ लिया। उनके द्वारा काटी जा रही रसीदें फर्जी थीं। रसीदों व इनके एवज में वसूली गई राशि और उनके पास मौजूद बोलेरो को टीम ने कब्जे में ले लिया।
स्वार कोतवाली प्रभारी हरेंद्र कुमार ने बताया कि बोलेरो के शीशे पर एनएचआरआईओ प्रेसीडेंड लिखा है। गिरफ्त में आए लोगों में बाजपुर के केशवनगर निवासी राजकुमार शर्मा उर्फ लक्की पंडित, अर्पित कुमार शर्मा, लेबर कालोनी निवासी गंगा सहाय सत्संगी, चकरपुर निवासी उस्मान हैं। इनमें से गंगा सहाय रिटायर्ड दरोगा हैं। पूछताछ के दौरान चारों ने अपने आप को राष्ट्रीय मानवाधिकार अन्वेषण संगठन (एनएचआरआईओ) का पदाधिकारी बताया। ये कोई सरकारी संगठन नहीं है। माना जा रहा है कि मानवाधिकार शब्द का प्रयोग करके बनाए गए इस संगठन के जरिये भी लोगों को गुमराह किया जाता था।
कोतवाली प्रभारी के मुताबिक नई दिल्ली निवासी दल सिंह इस संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष ंहै, जो मामले का मास्टर माइंड है। इस मामले में पांचों के खिलाफ आईपीसी की धारा170, 384, 420, 467, 468, 471 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गिरफ्त में आए चारों को जेल भेजने के साथ पांचवें की तलाश शुरू कर दी है।
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रिटायर्ड दरोगा की मुरादाबाद, बरेली में रही है तैनाती
रामपुर। मसवासी चौकी प्रभारी के मुताबिक अवैध वसूली करते पकड़े गए चार लोगों में शामिल गंगा सहाय सत्संगी चार साल पहले पुलिस विभाग में दरोगा के पद से रिटायर हुए हैं। सेवाकाल में गंगा सहाय की मुरादाबाद, बरेली जिलों में भी तैनाती रही थी। गंगा सहाय के पास मिले एनएचआरआईओ के कार्ड पर पड़ी तारीख से पता चला है कि वह इस संगठन से सात दिन पहले ही जुड़े हैं। हालांकि इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि फर्जी काम में लगे लोगों के साथ गंगा सहाय का जुड़ाव कितना पुराना है। गिरफ्त में आए आरोपियों में से एक को बाजपुर में एक व्यापारी संगठन का पदाधिकारी भी बताया जा रहा है। संवाद
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पिस्टल मिलने की रही चर्चा
रामपुर। खनन अधिकारी बनकर अवैध वसूली करने वालों के कब्जे से एक पिस्टल भी बरामद होने की चर्चा है। खनन अधिकारी राजकुमार संगम ने बताया कि रिटायर्ड दरोगा के पास पिस्टल थी। हालांकि स्वार कोतवाली प्रभारी हरेंद्र कुमार का कहना है कि मौके से पिस्टल बरामद नहीं हुई। संवाद
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ये हुई बरामदगी
स्वार। खनन अधिकारी बनकर खनन के वाहन चालकों से अवैध वसूली करते पकड़े गए आरोपियों के पास से राष्ट्रीय मानवाधिकार अन्वेषण संगठन के दो आईकार्ड, दो रसीदें, कैश चालान बुक और बोलेरो के अलावा 13450 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। संवाद
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कई बार बिक चुकी है पकड़ी गई बोलेरो
स्वार। खनन अधिकारी बनकर अवैध वसूली करने वालों के कब्जे से मिली बोलेरो कई बार बिक चुकी है। इस गाड़ी पर मौजूद नंबर प्लेट के आधार पर परिवहन विभाग के एप से जांच करने पर स्पष्ट हुआ कि बोलेरो को पहले मालिक ने दूसरे को, दूसरे ने तीसरे और तीसरे ने चौथे को बेचा है। फिलहाल वाहन मोहम्मद अकील पुत्र खलील के नाम पर पंजीकृत है। नंबर प्लेट पर मौजूद इबारत के हिसाब से यूपी-21 मुरादाबाद परिवहन विभाग की सीरीज है, जबकि इसका पंजीकरण रामपुर में हुआ है। वाहन का बीमा खत्म हो चुका है। संवाद
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