रसूलपुर रेलवे फाटक के करीब रविवार की सुबह मिनी रिटायर्ड बीएसएफ जवान की बाइक में मिनी ट्रक ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में दंपती बुरी तरह घायल हो गए। घायल बीएसएफ जवान को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया लेकिन पत्नी की हालत नाजुक बताई जा रही है। पत्नी का कांठ रोड स्थित एक निजी चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।
लालपुर गोसाईपुर निवासी भूदेव सिंह (56) अपनी पत्नी ग्राम प्रधान ऊषा सिंह के साथ रविवार की सुबह करीब दस बजे बाइक से मैलबा गांव स्थित बुआ के घर अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए जा रहे थे। रसूलपुर रेलवे फाटक के समीप पहुंचने पर पीछे से आ रहे मिनी ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। दुर्घटना में बाइक सवार पति और पत्नी दोनों बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद चालक मिनी ट्रक छोड़कर भाग निकला।
घायल दंपती को परिजन पुलिस के साथ लेकर जिला अस्पताल आए। यहां डॉक्टरों ने रिटायर्ड बीएसएफ जवान को मृत घोषित कर दिया। घायल ग्राम प्रधान की हालत नाजुक देखते हुए परिजनों ने उनको कांठ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। अस्पताल में ग्राम प्रधान की हालत गंभीर बताई जा रही है। कांठ पुलिस मिनी ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश कर रही है। रिटायर्ड बीएसएफ जवान के तीन पुत्र तरुण कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह और नृपेंद्र सिंह मौजूद हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
बुआ के बाद भतीजा भी पंचतत्व में हुआ विलीन
रिटायर्ड बीएसएफ जवान अपनी बुआ की मौत से गमगीन थे। वे बुआ की तेरहवीं में शामिल होने के लिए अपनी पत्नी के साथ बाइक से जा रहे थे लेकिन काल ने ऐसा क्रूर खेल खेला कि रिटायर्ड बीएसएफ जवान सड़क हादसे के शिकार हो गए। मौत के साथ दोनों परिवार गमगीन हो गए। हादसे की जानकारी मिलने पर मोर्चरी पहुंचे बेटा तरुण और अरुण का रोते रोते बुरा हाल हो गया। अभी रिटायर्ड बीएसएफ जवान भूदेव सिंह के तीनों पुत्रों की शादी नहीं हुई है। हादसे के साथ उनकी कच्छी गृहस्थी छिन्न भिन्न हो गई। एक तरफ पिता की मौत और दूसरी तरफ अस्पताल में मां की नाजुक हालत ने बेटों को तोड़कर रख दिया था। उनको कुछ समझ में नहीं आ रहा था। परिवार के लोग तीनों बेटों को समझाने में लगे थे। बुआ के परिवार को भी हादसे की जानकारी मिल गई। लोगों का कहना था कि बुआ और भतीजे के परिवार को दुर्घटना के चलते दोहरा घाव लग गया।