बिलारी। नागरिक एकता परिषद बिलारी की ओर से शुक्रवार सुबह क्षेत्र के पालनपुर गांव में मजदूर दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान मजदूरों को सम्मानित कर उनके अधिकार बताए गए।
गोष्ठी में मुख्य वक्ता नागरिक एकता परिषद के अध्यक्ष प्रेमकुमार ने कहा कि मजदूर दिवस की शुरुआत वर्ष 1886 में अमेरिका के शिकागो शहर में हुए ऐतिहासिक मजदूर आंदोलन से हुई थी। इस आंदोलन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में कई मजदूर शहीद हुए थे। वर्ष 1889 से सोशलिस्ट संगठनों द्वारा एक मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है। भारत में एक मई 1923 से पहली बार चेन्नई में एक मई को मजदूर दिवस मनाया गया तभी से लगातार मजदूर दिवस मनाने का सिलसिला जारी है। वक्ताओं ने कहा कि इस आयोजन से न केवल मजदूरों के ऐतिहासिक संघर्ष को याद किया जाता है बल्कि उनके वर्तमान अधिकार और सम्मान की दिशा में उन्हें जागरूक भी किया जाता है।
गोष्ठी के अंत में श्रमिक संघर्ष, बलिदान और उनके अधिकारों के प्रति एकजुटता का संकल्प दिलाया गया। इस दौरान लौंगश्री, गौतम सिंह और आरिफ आदि मजदूरों को नागरिक एकता परिषद की ओर से शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। गोष्ठी की शुरुआत में कपिलराज और राजदीप द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई और रवि रस्तौगी द्वारा जनवादी गीत प्रस्तुत किया गया। गोष्ठी की संयुक्त अध्यक्षता रामपाल गौतम और राजजीमल जाटव तथा संयुक्त संचालन राजदीप सिंह और कपिलराज द्वारा किया गया। गोष्ठी में अतुल यादव, धीरेंद्र सिंह बौद्ध, महेंद्र सिंह, जीतपाल गौतम, सोनू शर्मा, पूजा गौतम, पुष्पेंद्र सागर, चंद्रभान सागर, राजकुमार सिंह, धर्मसिंह आदि ने विचार रखे।