मुरादाबाद। मायानगर सहकारी आवास समिति की जमीनों में अरबों रुपये के घोटाले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। समिति के पदाधिकारियों ने बुद्धि विहार में बैठक कर समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक फूलकुंवर को हटाने का प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव की एक कॉपी जिलाधिकारी को भी भेजी। वहीं, एसआईटी सोमवार से समिति की जमीनों का ऑडिट शुरू करेगी। समिति के उपाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बुद्धि विहार स्थित एक अपार्टमेंट में अध्यक्ष को हटाने के लिए बैठक बुलाई गई थी। बैठक में समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक फूलकुंवर को भी बुलाया गया था लेकिन वह नहीं आए। बैठक में आठ पदाधिकारियों की जगह राजीव कुमार सिंह, आशीष कुमार विज, सत्य बंधु सहित पांच सदस्य ही मौजूद थे।
चर्चा के बाद अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव पांचों सदस्यों ने पारित कर दिया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के निर्णय की जानकारी पत्र के माध्यम से डीएम, सहकारी समिति के उपायुक्त, सहकारी समिति के मंडलीय अधिकारी को दी गई है। डीएम अनुज सिंह ने बताया कि उनको इस पत्र की जानकारी अभी नहीं मिली है।
एफआईआर दर्ज होना बाकी
इस मामले में अपर आवास आयुक्त/अपर निबंधक ने मंडलीय सहकारी अधिकारी (आवास) को धारा 66 के तहत एक सप्ताह में समिति की निरीक्षण आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। समिति के सचिव को हटाने के संबंध में आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होंगे। अपर आवास आयुक्त के निर्देश पर एआईजी स्टांप ने समिति के भूखंडों के क्रय-विक्रय पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है।