पाकबड़ा। रविवार देर रात नगर पंचायत कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के बीच हुए संघर्ष के बाद पुलिस ने भाजपा चेयरमैन के पुत्र समेत आधा दर्जन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में आधा दर्जन लोगों को नामजद करते हुये दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
रविवार देर रात रैन बसेरा चेक करने गये पीआरवी पुलिसकर्मियों नगरपंचायत कर्मियों के बीच आपस में जमकर मारपीट और संघर्ष हो गया था। पीआरवी चालक अवधेश कुमार ने पाकबड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने उसकी तहरीर पर धारा 147,148,149,307, 332, 353, 504, 323, 427, 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट और लोक संपति अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने चेयरमैन पुत्र रिंकू गोस्वामी, शमशाद हुसैन, सुभाष, छोटे लाल, नरेश , आकाश आदि के नामजद करते हुये दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। फरार आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
पाकबड़ा में पीएसी तैनात
पाकबड़ा। पुलिस ने रविवार रात को हुये हंगामे को देखते हुये पाकबड़ा में पीएसी तैनात कर दी है। पीएसी के साथ पुलिस को लगाया गया है। दिन भर मामले को लेकर गहमा गहमी रही थी। पुलिस लगातार गश्त करके हालात पर नजर बनाये हुए है। नगर पंचायत कार्यालय आज छुट्टी के के चलते बंद रहा था लेकिन यहां पर सुरक्षा के लिए पुलिस को तैनात किया गया था।
सीओ एलआईयू पहुंची मामले की जांच करने को
पाकबड़ा। रविवार देर रात हुये पुलिसकर्मियों और नगर पंचायत कर्मचारियों के संघर्ष की जांच करने को सोमवार को सीओ एलआईयू आभा शर्मा जांच करने पहुंची थी। उन्होंने कई लोगों से बातचीत करके मामले के कारण का पता लगाने की कोशिश की है।
यह हुई थी घटना
रविवार रात पाकबड़ा में रैन बसेरों को चेक करने गई पुलिस टीम पर आरोप है कि पुलिसकर्मी ने नगर पंचायत रैन बसेरे में सो रहे सफाई कर्मी को जूते की ठोकर मारकर जगाया। इसी से हंगामा शुरू हो गया। लोग सड़कों पर आ गए। पुलिस और लोगों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। महिला ने भी पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया था। चेयरमैन पुत्र रिंकू भी मौके पर थे। आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई। उधर पुलिस ने उन पर हंगामे का आरोप लगाया।
पुलिस के ऊपर किया गया हमला: एएसपी
सीओ हाइवे एएसपी अनिल यादव का कहना है कि आरोपियों ने शराब पी रखी थी। पुलिसकर्मियों को सरकारी काम करने से रोका गया था। वे तो आदेश रैन बसेरा चेक करने गए थे। चूंकि वहा रह रहे लोगों में कोई अपराधी हो सकता था या फिर किसी को दवा या फिर किसी और चीज की जरूरत हो सकती थी। चेयरमैन पुत्र रिंकू ने आकर जनता की सेवा में लगे पुलिस कर्मचारियों से अभद्रता और मारपीट करके गलत किया है। महिला के साथ कोई अभद्रता नही गई थी और न ही किसी अन्य के साथ कोई अभद्रता की गई।
पुलिस ने ज्यादती की: चेयरपर्सन
चेयरपर्सन खेमवती देवी का कहना है कि उनके पुत्र रिंकू और आधा दर्जन नपं कर्मचारियों को पुलिस घर से उठा कर ली गयी थी। इसकी सीसीटवी फुटेज उनके पास है। बीच सड़क पर खड़ा करके उनके पुत्र और कर्मचारियों को पुलिस ने पीटा है। उनके पुत्र को पुलिस ने गंभीर रूप से घायल कर दिया है। वह इसकी शिकायत शासन और मानवाधिकार आयोग से करेंगी। मामले की जांच की मांग की जाएगी। जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिये।