मुरादाबाद। अवैध खनन के चक्कर में जनपद में पुलिस और अफसरों पर बार-बार हमले हो रहे हैं। इससे पहले ठाकुरद्वारा और भोजपुर में भी अफसरों पर हमले हो चुके हैं।
13 सितंबर 2022 को उत्तराखंड से आने वाले खनिज लदे वाहनों को ठाकुरद्वारा में तत्कालीन एसडीएम परमानंद सिंह और जिला खनन अधिकारी ने रुकवा दिया था। इसी भनक लगने पर खनन माफिया वहां पहुंच गया। उसने लोगों काे भड़का कर टीम पर हमला कर दिया था। इस मामले में केस दर्ज किया गया था। इस घटना को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को फटकार लगाई थी। तब पुलिस टीमें खनन माफिया की तलाश में जुटी थीं।
वहीं 2022 में 12 अक्तूबर की रात खनन माफिया की तलाश में पुलिस ने उत्तराखंड के भरतपुर गांव में दबिश दी थी। यहां खनन माफिया छिप गया था। पुलिस ने एक घर में दबिश दी थी। इसी दौरान पुलिस को घेर लिया गया था। पुलिस टीम पर हमला किया गया था। इस घटना में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे, जबकि गोली लगने से एक महिला की मौत हो गई थी। इस मामले में एक केस ठाकुरद्वारा में दर्ज किया गया था जबकि दूसरा केस पुलिसकर्मियों के खिलाफ उत्तराखंड के कुंडा थाने में दर्ज किया गया था। इस मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो पाई है।
भोजपुर क्षेत्र में ढेला नदी के किनारे अवैध खान की सूचना पर एसडीएम ने टीम के साथ 22 सितंबर की रात छापा मारा था। इस दौरान खनन माफिया ने एसडीएम को कुचलने की कोशिश की थी। इस मामले में भोजपुर थाने में केस दर्ज किया गया था। एक आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि अन्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
अब ठाकुरद्वारा के तरफ दलपत गांव में अवैध खनन को लेकर बवाल हो गया। अफसरों की सख्त हिदायत के बावजूद पुलिस ने बिना सूचना दिए ही दबिश दे दी। पुलिस से बचने को भाग रहे युवक की ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत हो गई। इस घटना में सिपाही अनीस, नरेश और दो अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज किया गया। थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं।
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