मुरादाबाद। घरों में महिलाओं के दीन का ख्याल रखें उनकी दीनदारी के बारे में सोचें। साथ ही अपनी बच्चियों को भी दीनदार बनाएं ताकि वह बुरे माहौल से महफूज रह सकें। यह बात रविवार को शहर के मोहल्ला नई बस्ती स्थित कुइयां वाली मस्जिद में चल रहे बयानाते सीरते तैयबा कार्यक्रम के तीसरे और आखिरी दिन इस्लामिक प्रवक्ता आदम मुस्तफा फिरोजाबादी ने कहीं।
उन्होंने कहा कि जो औरतें पांच वक्त की नमाज पढ़ती हैं। साथ ही अपने पति की फरमाबरदारी करती हैं, ऐसी औरतों से कयामत के दिन कहा जाएगा कि वह जिस दरवाजे से चाहे उस दरवाजे से जन्नत में दाखिल हो जाएं। मौलाना आदम मुस्तफा फिरोजाबादी ने रमजान का जिक्र करते हुए कहा कि हमें रमजान का एहतराम करना चाहिए और इस पाक महीने में पांच वक्त की नमाज की आदत बनाएं। साथ ही सड़कों और बाजारों में घूमते वक्त रोजे की हिफाजत करें। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना मुनव्वर हुसैन ने कुरान-ए-करीम की तिलावत के साथ की। मस्जिद इमाम मौलाना मुफ्ती सलमान कासमी ने कहा कि अगर वक्त हो तो अल्लाह के रास्ते पर निकल जाओ और लोगों को भी अल्लाह के दीन से जोड़ो। इस मौके पर मुफ्ती राहिल, हाफिज अजीम, हाफिज रिजवान, परवेज नाजिम, मो कासिम आदि लोग मौजूद रहे।
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सात हाफिज ए-कुरान समेत 33 बच्चों की दस्तारबंदी
मुरादाबाद। कुइयां वाली मस्जिद पर स्थित बयानाते सीरते तैयबा कार्यक्रम के तीसरे और आखिरी दिन इसी मदरसे में दीनी तालीम हासिल करने वाले 33 बच्चों की दस्तारबंदी की गई। जिसमें सात बच्चे हाफिज और 26 बच्चे नाजरा के शामिल रहे। मो. रेहान, मो. शाबान, मो. असद, मो. अहमद, मो. इरशाद, मो. फैज और अबूजर ने कुरान-ए पाक हिफ्ज किया है। नाजरा में कुरान मुकम्मल करने वाली तीन लड़कियों समेत सभी 26 बच्चों की दस्तारबंदी मौलाना आदम मुस्तफा फिरोजाबादी ने की। साथ ही उन्होंने सभी बच्चों को इनामात से भी नवाजा। संवाद