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रजा लाइब्रेरी में संरक्षित है ज्ञान का खजाना, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं: राज्यपाल -00

सार

उन्होंने इस व्यवस्था के लिए ऑडियो और ब्रेल लिपि की व्यवस्था करने का निर्देश दिए।लाइब्रेरी के निदेशक \/डीएम ने रजा लाइब्रेरी में हो रहे विभिन्न विकास कार्यों के बारे में भी बताया। बैठक में प्रमुख सचिव राज्यपाल कल्पना अवस्थी ने लाइब्रेरी के विविध कार्यों हेतु वित्तीय व्यवस्था पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जिसमें रजा लाइब्रेरी के वित्तीय विवरण, आय-व्ययक लेखा का अनुमोदन, संस्कृति मंत्रालय के साथ एमओयू का अनुमोदन, वार्षिक रिपोर्ट, कर्मचारियों का वित्तीय उन्नयन, मुद्रित पुस्तकों एवं फोटोग्राफ एलबम का डिजिटलीकरण, साहित्यिक पुस्तकों का प्रकाशन इत्यादि प्रस्ताव प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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विस्तार
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रामपुर। प्रदेश की राज्यपाल और रजा लाइब्रेरी बोर्ड की अध्यक्ष आनंदीबेन पटेल ने कहा कि लाइब्रेरी में ज्ञान का खजाना संरक्षित है। इस खजाने को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। क्योंकि यह एक ऐसा खजाना है कि जो बांटने से और समृद्ध होगा। इसके लिए उन्होंने लाइब्रेरी में बच्चों से संबंधित कार्यक्रमों को बढ़ावा देना विश्वविद्यालयों के साथ जुड़ कर काम करने का निर्देश दिया।
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राज्यपाल शुक्रवार को लखनऊ स्थित राजभवन में रजा लाइब्रेरी बोर्ड की 51 वीं बैठक को संबोधित कर रही थीं। लाइब्रेरी के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने पर करते हुए उन्होंने निर्देश दिए की सहायता राशि प्राप्त करने के लिए विभिन्न संस्थानों एवं माध्यमों से संपर्क साधकर आगे कार्य करना चाहिए। मुदित पुस्तकों के प्रकाशन के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों की ई कॉपी भी प्रकाशित की जानी चाहिए ताकि विभिन्न वर्गों तक इन पुस्तकों की पहुंच हो सके।उन्होंने कहा कि वही पुस्तकें प्रकाशित की जाएं जिनकी ज्यादा से ज्यादा बिक्री हो। उन्होंने दिव्यांगों के लिए पुस्तकें पढ़ने पर आ रही सभी समस्याओं का निराकरण करने को कहा। उन्होंने इस व्यवस्था के लिए ऑडियो और ब्रेल लिपि की व्यवस्था करने का निर्देश दिए।
लाइब्रेरी के निदेशक /डीएम ने रजा लाइब्रेरी में हो रहे विभिन्न विकास कार्यों के बारे में भी बताया। जिलाधिकारी रजा लाइब्रेरी के खाली पड़े स्थान पर ओपन लाइब्रेरी एवं कैफेटेरिया का निर्माण कराने से संबंधित विषय पर विचार विमर्श किया। जिस पर राज्यपाल ने इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए कहा। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उनको रागमाला एलबम के चित्र की प्रति एवं प्रकाशित वाल्मीकि रामायण भेंट की। बैठक में प्रमुख सचिव राज्यपाल कल्पना अवस्थी ने लाइब्रेरी के विविध कार्यों हेतु वित्तीय व्यवस्था पर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने रजा लाइब्रेरी द्वारा भाषा विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू करने के राज्यपाल के सुझाव को महत्वपूर्ण बताया तथा ई-रीडिंग सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा ये हेरिटेज बिल्डिंग है, इसमें दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए निकटतम मुख्य राजमार्ग पर प्रचार बोर्ड लगाए जा सकते हैं।
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आठ विषयों पर हुई चर्चा
रजा लाइब्रेरी की बोर्ड बैठक में आठ मुद्दों पर चर्चा हुई। जिसमें रजा लाइब्रेरी के वित्तीय विवरण, आय-व्ययक लेखा का अनुमोदन, संस्कृति मंत्रालय के साथ एमओयू का अनुमोदन, वार्षिक रिपोर्ट, कर्मचारियों का वित्तीय उन्नयन, मुद्रित पुस्तकों एवं फोटोग्राफ एलबम का डिजिटलीकरण, साहित्यिक पुस्तकों का प्रकाशन इत्यादि प्रस्ताव प्रमुख रूप से शामिल रहे। राज्यपाल ने गतवर्ष रामपुर रजा लाइब्रेरी बोर्ड की 50वीं बैठक में लिए गए निर्णयों का अनुश्रवण करते हुए लाइब्रेरी के विकास के बजट प्रबंधन की जानकारी ली। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए कि बजट समयबद्ध प्राप्त हो और जल्द से जल्द लाइब्रेरी हित के सभी कार्य सम्पूर्ण हों।
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