रामपुर के न्यू अर्बन को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जीवन तिवारी ने इस मामले में साइबर थाने में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि 27 मार्च 2023 को साई कृपा इंफ्रा सिक्योरिटी के देबानजॉय रॉय ने अपनी ई-मेल आईडी से बैंक की ईमेल आईडी पर नाबार्ड के नन एसएलआर बांड 8.98 प्रतिशत नाबार्ड-2033 का भेजा था। जिसका कोटेशन 100 रुपये प्रति बांड था। उसका फेस वैल्यू 10 लाख प्रस्तुत किया। जीवन तिवारी के अनुसार संबंधित कोटेशन की ब्याज दरों को देखते हुए दो करोड के बांड आरबीआई की निवेश पॉलिसी के तहत बैंक हित में लेने का निर्णय लिया गया। इसके बाद बैंक की ओर से आरटीजीएस के माध्यम से 2 करोड़ 7 लाख 86 हजार 142 रुपये 28 मार्च 2023 को देबानजॉय रॉय की फर्म के खाते में भेज दिए गए लेकिन उसने बांड ट्रांसफर नहीं किए। 30 मार्च तक इंतजार करने के बाद कॉल किया तो देबानजॉय रॉय ने तकनीकी दिक्कत के कारण देर होने की बात स्वीकार की। बाद में कई बार कहने पर भी उसने बांड नहीं भेजा। इसके बाद कॉल करने के बाद फोन नहीं उठा रहा था। ठगी की आशंका को देखते हुए एक अप्रैल को आरोपी फर्म के खाते के बारे में जानकारी की गई। जांच से पता चला कि उसके खाते से पूरी धनराशि आरटीजीएस, एटीएम तथा अन्य माध्यमों से निकाली गई है।
खाते में सिर्फ 12 हजार 53 रुपये ही शेष रह गए हैं। इसके बाद रामपुर पुलिस से बैंक अधिकारी ने इसकी शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। परेशान होकर उन्होंने रामपुर कोर्ट में अर्जी लगा दी। इस मामले में सीजेएम रामपुर की कोर्ट ने साइबर क्राइम थाना मुरादाबाद को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। साइबर क्राइम थाना प्रभारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। वादी से कागजातों को जांच के लिए मांगा गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।