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Moradabad News: छह दशक तक रामपुरी हाॅकी की रही धमक, अब अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद

Thu, 29 Aug 2024 05:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
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वाहिद अली
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रामपुर। नवाबों के दौर और आजाद भारत के बाद भी छह दशकों तक रामपुर की हाॅकी की धमक रही है। 40 से 90 के दशक तक यहां के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामपुर की हॉकी का वर्चस्व कायम रखा। जबकि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद और उनके बेटे अशोक ध्यानचंद भी रामपुर में हॉकी की दीवानगी से वाकिफ थे और अपने दौर में अक्सर रामपुर हॉकी खेलने आते रहे हैं। ओलंपियन अशोक ध्यानचंद ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत कर रामपुर से जुड़ीं यादों को साझा किया है। लेकिन वर्तमान में दो हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान होने के बावजूद यहां की हॉकी दम तोड़ती नजर आ रही है।
रामपुर में छह दशकों तक हॉकी का बड़ा गढ़ रहा है। राष्ट्रीव व अंतरराष्ट्रीय खेलों में रामपुर के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यूनिवर्सिटी खेल हो या अन्य प्रतियोगिताएं हों, सभी में रामपुर का बोलबाला होता था। यूपी से तीन नेशनल और दो अंतरराष्ट्रीय इंडियन यूनिवर्सिटी खेले और वर्तमान में रामपुर में एफसीआई मैनेजर इमरान उर रहमान ने बताया कि उस दौर में रजा डिग्री काॅलेज के सामने का मैदान, फिजिकल कालेज का मैदान, यंगमैन क्लब का मैदान, जुल्फिकार काॅलेज का मैदान, नवाब गेट से लगा रुहेला टाइगर क्लब मैदान, माला सिनेमा का मैदान, रजा टेक्सटाइल का मैदान सभी जगह हॉकी की धूम मची रहती थी। यह सिलसिला वर्ष 1990 तक चला। हॉकी के रुहेला टाइगर, यंगमैन क्लब, स्टूडेंट्स क्लब, चैंपियन क्लब, रजा टेक्सटाइल, चीनी मिल, अर्बन यूथ हॉकी क्लब, मुर्तजा क्लब, चित्रा क्लब क्लब थे जो बाहर भी जाकर रामपुर का नाम रोशन करते। अखिल भारतीय स्तर का शादाब हॉकी टूर्नामेंट यहां की शान हुआ करता था। देशभर की नामचीन हॉकी टीमें यहां भाग लेने आतीं। लेकिन समय के साथ जहां देश में हॉकी खेल पीछे छूटा तो रामपुर में भी हॉकी अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद कर रहा है। हालांकि खेल विभाग द्वारा लगातार सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।
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खेल कोटे से सरकारी नौकरी में मिली जगह
हॉकी खिलाड़ियों की इफको, सेंट्रल एक्साइज, बिजली बोर्ड, टाटा, रेलवे, सीआरपीएफ आदि में स्पोर्ट्स कोटे में नौकरी लगी। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के साथ खेलने वाले लड्डन खां क्रीड़ा अधिकारी रहे हैं। इमरानु उर रहमान यूपी से तीन नेशनल खेले और दो इंडियन यूनिवर्सिटी और रामपुर में एफसीआई मैनेजर हैं। अनीस उर रहमान अंतरराष्ट्रीय इंडियन यूनिवर्सिटी से जर्मनी का टूर किया, एएमयू में डिप्टी डायरेक्टर हैं। वहीं मुजीबुर रहमान यूपी से दो नेशनल खेले, दिल्ली में सुप्रीटेंडेंट कस्टम एंड एक्साइज में हैं । इकबाल अली बैग यनिवर्सिटी खेलों में आस्ट्रेलिया टूर किया है। जबकि लड्डन खां यूपी से नेशनल खेले। मुन्ने खां सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त हुए नेशनल खेले। लईक अहमद खान, रेलवे से खेलने वाले यूनुस खां, बाबुल खां जैसी तमाम खिलाड़ियों की फेहरिस्त है, जिन्होंने हॉकी में रामपुर का नाम रोशन किया।
हॉकी का गढ़ रहा है रामपुर, नहीं भूला सकते : अशोक ध्यानचंद
रामपुर। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक ध्यान बुधवार को खेल दिवस को लेकर जबलपुर में एक कार्यक्रम में थे। उन्होंने अमर उजाला से फोन पर बात करते हुए बताया कि रामपुर की हॉकी उप्र का गढ़ मानी जाती थी। आज भी रामपुर में हॉकी को लेकर माहौल याद है और रामपुर की गलियां मुझे याद हैं। बोले, मैं 70 व 72 में हॉकी खेलने रामपुर आया था, जबकि मुझसे पहले बाबू जी भी रामपुर, मेरठ और उप्र के अन्य जिलों में खेलने आते थे। रामपुर में हॉकी को लेकर जो माहौल था वो अन्य जगहों पर कम ही देखने को मिलता था। मैं दोस्तों से मिलने रामपुर अक्सर आता रहता हूं। दो साल पहले रामपुर आया था, लेकिन अब रामपुर की गलियों में बदलाव देखने को मिला है। लेकिन रामपुर एक अच्छा शहर है, जिसने हॉकी को बड़े-बडे़ खिलाड़ी दिए हैं। बोले कि हॉकी रामपुर में ही नहीं पूरे हिंदुस्तान में पिछड़ी है। लेकिन इसको लेकर युवाओं में रुचि पैदा करनी होगी, स्कूली स्तर पर हाॅकी को बढ़ाना होगा। संवाद

रामपुर की रजा टैक्सटाइल की टीम शानदार थी: आरपी सिंह
रामपुर। उप्र खेल निदेशक व हॉकी के ओलंपियन आरपी सिंह ने बताया कि रामपुर की रजा टैक्सटाइल की टीम शानदार थी। रामपुर की हॉकी ने कई अच्छे खिलाड़ी दिए हैं। दो एस्ट्रोटर्फ आज भी रामपुर हैं, जिन पर खेल शुरू कराए गए हैं। हॉकी खेल को बढ़ावा देने के लिए विभाग काम कर रहा है।

रामपुर में टेलेंट की कमी नहीं है, आज भी यहां प्रतिभा हैं। बस सही दिशा दिखाने की जरूरत है। - जोसेफ खान, हॉकी कोच।

रामपुर में हॉकी वो दौर देखा, जब देशभर के खिलाड़ी रामपुर में होते थे। आज हॉकी को बचाने के लिए पूर्व खिलाड़ियों को आगे आना होगा। - इमरान उर रहमान, हॉकी खिलाड़ी।
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हॉकी खेल ने बहुत कुछ दिया है, इसको संभालने की जरूरत थी। स्कूली स्तर पर हॉकी को लाने की जरूरत है। ताकि युवाओं में रुचि बढ़े। - अनीस उर रहमान, हॉकी खिलाड़ी व एएमसू डिप्टी डायरेक्टर
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