मझोला थाने में दरोगा और सिपाहियों पर अनुसूचित जाति के लोगों ने अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाय है। उन्होंने एसएसपी कार्यालय के सामने धरना देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया तो धरना खत्म कर दिया।
मझोला थाना क्षेत्र में रहने वाला एक परिवार बुधवार दोपहर एसएसपी कार्यालय के सामने पहुंचा और धरने पर बैठ गया। इनके साथ विश्व दलित परिषद के राष्ट्रीय सचिव ओमकार सिंह मौजूद थे। उन्होंने बताया कि इस परिवार का एक अन्य परिवार से विवाद चल रहा है। पुलिस ने पीड़ित परिवार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि उलटा इसी परिवार पर केस दर्ज कर लिया है।
आरोप लगाया कि आरोपियों की मिलीभगत से मझोला थाने के दरोगा और दो सिपाहियों ने आवास से बेदखल करने का दबवा बनाया। आरोप है 7 मई 2024 को थाने लगाकर दरोगा व सिपाहियों ने परिवार को जातिसूचक शब्द कहे। बेदखली के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इन्कार करने पर परिवार को हवालात में बंद कर दिया। इसके बाद मारपीट की।
आरोप है फिर भी इन्कार करने पर दरोगा व दो सिपाहियों ने अमानवीय व्यवहार किया। इसी जानकारी मिलने पर सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर मौके पर पहुंच गए और उन्होंने परिवार को समझाया। उन्हें आश्वासन दिया है कि जांच कर मामले में कार्रवाई की जाएगी। सीओ अर्पित कपूर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।