पूर्व मंत्री एवं सपा सांसद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे एमपी- एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेशी हुई। पिता-पुत्र को कड़ी सुरक्षा में सीतापुर जेल से लाकर मुरादाबाद कोर्ट में पेश किया गया। छजलैट प्रकरण और अभिनेत्री एवं पूर्व सांसद जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पिता-पुत्र की पेशी हुई।
जयाप्रदा के मामले में अदालत ने दोनों को कस्टडी में ले लिया। जबकि छजलैट प्रकरण में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने चार्ज फ्रेम पर बहस की। अधिवक्ता का कहना था कि आजम खां व उनके बेटे पर जिन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। उन धाराओं के पर्याप्त साक्ष्य पुलिस अब पेश नहीं कर सकी है। अदालत ने सभी मामलों में छह जनवरी की तारीख नियत की है।
जनवरी वर्ष 2008 में छजलैट थाने में पूर्व मंत्री व सपा सांसद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम, अमरोहा के विधायक महबूब अली, हाजी इकराम कुरैशी, नईमउल हसन, मनोज पारस के अलावा सपा नेता राजकुमार प्रजापति, डीपी यादव, राजेश यादव समेत अन्य कई सपाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
इस मामले में कोर्ट में पेश न होने पर आजम खां के खिलाफ एक अन्य मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा 30 जून 2019 को आजम खां, अब्दुल्ला आजम व सपा सांसद डा. एसटी हुसैन समेत सात सपाइयों के खिलाफ रामपुर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज किया गया था। जिसमें आरोप था कि कटघर क्षेत्र में हुए एक कार्यक्रम में अभिनेत्री व रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी।