नवाब की संपत्ति में हिस्सेदार तलत फातिमा हसन की ओर से चल संपत्ति की बर्बादी के लिए उन पर काबिज को जिम्मेदार बताया गया है। उनके अधिवक्ता की ओर से जिला न्यायालय में लगाई गई आपत्ति में कहा गया है कि चल संपत्ति की कीमत 64.21 करोड़ लगाई गई है। चल संपत्ति पूरी तरह से स्क्रैप में तब्दील हो चुकी है। इसकी कीमत में जो अंतर है उसकी वसूली उन लोगों से की जाए, जिनके कब्जे में है संपत्ति है।
नवाब की संपत्ति की मूल्यांकन रिपोर्ट पर तलत फातिमा हसन और अन्य की ओर से आपत्ति लगा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि संपत्ति के खुर्दबुर्द होने या गायब होने की स्थिति वो लोग ही जिम्मेदार होंगे जो इस पर काबिज थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही जिला न्यायालय में आपत्ति दाखिल की गई है।
-हर्ष गुप्ता, अधिवक्ता
मूल्यांकन रिपोर्ट में जमीन शामिल करने पर जताई आपत्ति
नवाब की संपत्ति की मूल्यांकन रिपोर्ट पर हिस्सेदारों के अलावा एक आपत्ति जमीलुद्दीन की ओर से भी लगाई गई है। जिला न्यायालय में दायर आपत्ति में उन्होंने कहा है कि खासबाग में सम्मलित 0.0248 हेक्टेयर जमीन नवाब रजा अली खां ने उनके पिता शमशुद्दीन को पंजीकृत हस्तांतरण विलेख के माध्यम से हस्तांतरित कर दी थी।
15 फरवरी 1949 को यह विलेख उप निबंधक सदर कार्यालय में पंजीकृत है। उन्होंने इस जमीन पर तभी से अपना अधिकार बताते हुए मूल्यांकन रिपोर्ट में इसे खासबाग की संपत्ति में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने मांग की है कि पक्षकारों में बंटवारे हेतु बनाए जाने वाली विभाजन योजना से इस जमीन को बाहर रखा जाए।