शहीद बाबा दीप सिंह पसियापुरा गुरुद्वारा, नवाबगंज में गुरुद्वारे के प्रबंधन को लेकर सोमवार को दो पक्षों में मारपीट, पत्थराव और फायरिंग हुई थी। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने प्रमुख ग्रंथी राम सिंह की तहरीर पर 15 लोगों के खिलाफ नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पसियापुर रोड स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह नवाबगंज को अपने कब्जे में लेने को लेकर सोमवार को दो पक्षों में जमकर विवाद हुआ। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के सामने ही कई राउंड गोलियां, पत्थराव और लाठी डंडे चले थे। इसमें कई लोग घायल हो गए।
भारी हंगामें के बीच डीएम और एसपी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। छह घंटे मौके पर तनाव की स्थिति बनी रहीं। देर शाम डीएम और एसपी ने दोनों पक्षों को किसी तरह मनाया और यहां भारी फोर्स तैनात कर दी है। दोनों पक्षों को मंगलवार 10 बजे प्रपत्रों के साथ कलेक्ट्रेट बुलाया गया है।
सोमवार देर रात प्रमुख ग्रंथी राम सिंह ने पुलिस को तहरीर सौंपी। शिकायत के अनुसार, 15 सितंबर को लगभग 11 बजे सतेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, परमजीत सिंह, सतकरतार सिंह उर्फ शेरा (हिस्ट्रीशीटर), गुरमुख सिंह उर्फ तोती, अजीत सिंह, जितेंदर सिंह उर्फ बब्बू मल्ली, गुरजीत सिंह (प्रधान कनकटा), लखा सिंह, सुखदेव सिंह, गुरेंदर सिंह उर्फ गोरा, बन्टी गांधी, जसपाल सिंह, पलविंदर सिंह और राजा सिंह समेत कई अज्ञात लोग गुरुद्वारा परिसर में घुस आए।
आरोप है कि सतकरतार सिंह उर्फ शेरा, सुखदेव सिंह और राजा सिंह ने गुरुद्वारे में अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। साथ ही, जितेंद्र सिंह, गुरजीत सिंह और गुरमुख सिंह उर्फ तोती ने हैड ग्रंथी राम सिंह की बेरहमी से पिटाई की। गुरमुख सिंह उर्फ तोती, जसपाल सिंह और पलविंदर सिंह ने निर्मल सिंह पाठी पर तलवारों से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
शिकायत के आधार पर बिलासपुर कोतवाली पुलिस ने 15 आरोपियों के खिलाफ नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। एसपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है।