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मंदी में और विकराल होगा लंकेश का आकार

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मुरादाबाद। मंदी की मार से इन दिनों बाजार सुस्त पड़ा हुआ है, लेकिन रामलीला का उत्साह पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा है। समितियों द्वारा की जा रही तैयारियों में इस वर्ष रावण का कद पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ाया जा रहा है। पदाधिकारियों का कहना है कि आयोजन मान-सम्मान का विषय है। इसमें कोताही नहीं बरती जाएगी।
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कांशीराम नगर में आठ अक्तूबर से रामलीला का मंचन शुरू होगा। रामलीला मेला एवं दशहरा महोत्सव समिति अध्यक्ष डॉ. प्रमोद शर्मा ने बताया कि गत वर्ष रावण 70 फीट का था। इस बार 75 फीट का रहेगा। पुतला बनने का कार्य 20 दिन पहले शुरू हो गया है। गंज बाजार निवासी कारीगर 72 वर्षीय अब्दुल हक ने बताया कि चेहरा, हाथ, मुकुट और छतरी बन चुके हैं। धड़, पैर आदि बनना बाकी है। एक अक्तूबर से तीन-चार अन्य लड़कों को लगाया जाएगा, जो रंगाई-पुताई के अलावा सजावट का कार्य करेंगे। बेटा शाहनवाज मदद कर रहा है। इस बार नैनीताल और रुद्रपुर से पुतले बनाने का ऑफर आया था, लेकिन इन्होंने इन्कार कर दिया है। डॉ. प्रमोद शर्मा ने बताया कि आयोजन मान-सम्मान के लिए होता है। कारीगर अब्दुल हक भी काम से लगाव के कारण पुतला बना रहे हैं। इनका भुगतान बहुत कम है। टैंट, पुरस्कार आदि की व्यवस्था भी समिति के सदस्य ही करते हैं। पुतला खड़ा करने के लिए क्रेन का इंतजाम किया जा रहा है। दिल्ली के कलाकार मंचन करेंगे।
लाजपत नगर की रामलीला 26 सितंबर से नौ अक्तूबर तक रहेगी। श्री राम कथा मंचन समिति के मंत्री श्याम कृष्ण रस्तोगी ने बताया कि इस बार रावण का पुतला करीब 75 फीट का था। इस बार पूरा 80 फीट का बनाया जाएगा। दो-तीन दिनों में पुतला बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। इसके अलावा 200 फीट से हनुमान जी की छलांग आकर्षण का केंद्र रहेगी। रस्सी के सहारे हनुमान जी संजीवनी बूटी लेकर आते हैं। क्रेन से रस्सी को खींचा जाता है। सीधे मंच पर उतरते हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में मंदी का प्रभाव नहीं है। जनता के सहयोग और मैदान के किराए से आयोजन हो जाता है। पांच-छह लाख रुपये का खर्चा आता है। रावण बनाने के अलावा आतिशबाजी और पूरे सामान सहित 75 हजार रुपये कारीगर ने लिए हैं।
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