मुरादाबाद। पहाड़ों की बारिश का असर रामगंगा में दिखने लगा है। रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा है। बुधवार को लालबाग, दसवां घाट समेत रामगंगा के किनारों पर बने अवैध निर्माणों तक जलस्तर की दस्तक हो गई है। जिगर कॉलोनी में भी बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गई दीवारों तक नदी का जलस्तर पहुंचा है। वहीं पीतलबस्ती के आगे स्थित गांव बलदेवपुर में भी दहशत का माहौल है। यहां भी नदी का जलस्तर खतरनाक तरीके से बढ़ रहा है। जानकारों के मुताबिक मंगलवार रात नदी का जलस्तर 20 सेमी तक बढ़ा है।
कोटद्वार और काशीपुर में होने वाली बारिश का असर रामगंगा में साफ नजर आ रहा है। गनीमत है कि कालागढ़ डैम से पानी नहीं छोड़ा गया है। यहां खतरे के निशान से 27 मीटर नीचे जलस्तर है। हरेलवी बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बीते चौबीस घंटे में रामगंगा का जलस्तर खतरनाक तरीके से बढ़ा है। जिगर कॉलोनी में बाढ़ का पानी रोकने के लिए बनी दीवार तक पानी पहुंच गया है। वहीं इस जगह पर धारा ने अपना रास्ता भी बनाया है। इससे आगे दसवां घाट, लालबाग और जामा मस्जिद के पास नदी के तट पर बने अवैध निर्माणों तक भी नदी का जलस्तर नजर आने लगा है। नदी के तट से सटे 27 गांवों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
चारा ढोने वाले नाव के भरोसे
रामगंगा नदी के पास से बैलगाड़ी पर पशुओं का चारा ढोने वाले पूरी तरह से नाव के भरोसे हो चुके हैं। बुधवार को नदी पार करते हुए बैलगाड़ी के साथ ग्रामीण नजर आए। बहाव इतना तेज था कि गाड़ी समेत वह लोग बहे जा रहे थे। बैलों के भी सिर्फ सिर ही नजर आ रहे थे।
पहाड़ोें का पानी से बढ़ा जलस्तर
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नरेश कुमार के मुताबिक अधिकारिक रूप से डैम से पानी छोड़े जाने की पुष्टि नहीं है। नदी में फिलहाल पहाड़ों से आया बारिश का पानी है।