मुरादाबाद। रामगंगा नदी का जलस्तर बीते चौबीस घंटे में 0.74 मीटर बढ़ा है। रामगंगा नदी खतरे के निशान से सिर्फ सवा मीटर नीचे बह रही है। पानी बढ़ने के बाद किनारे बसे गांवों से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर बह रहा है। ग्रामीणों में दहशत जरूर है, लेकिन बाढ़ खंड के अधिकारियों का दावा है कि फिलहाल डरने जैसे हालात नहीं है। कालागढ़ डैम से पानी छोड़े जाने की स्थिति बनने में 20 से 25 दिन लगेंगे। रामगंगा नदी में बारिश और छोटे डैमों से छोड़ा गया पानी है। कालागढ़ डैम में खतरे के निशान से 19.200 मीटर नीचे जलस्तर है।
देश में बाढ़ से विध्वंस के हालात बनने के बाद रामगंगा नदी समेत अन्य नदियों में भी बाढ़ आने की अफवाहें तेज हो चुकी हैं। इसके किनारे बसे रिहायशी क्षेत्रों और गांवों में भी कालागढ़ डैम से अचानक पानी छोड़ने की दहशत है। पानी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़कर लोगों के डर को सही साबित करने में लगा है। रामगंगा नदी का पानी कांठ, अगवानपुर, विवेकानंद अस्पताल, हरथला, चक्कर की मिलक, बंगलागांव, नवाबपुरा, लालबाग, कटघर होते हुए देवपुरा गांव तक पहुंचता है।
गले तक डूबे नजर आते है बैल और वाहक
जिगर कॉलोनी के पीछे से पशुओं के लिए चारा लाने का सिलसिला जारी है। पानी बढ़ने के बाद नदी पार करने के दौरान बैल और गाड़ी वाहक के सिर ही नजर आते हैं। पानी के साथ बहते हुए धीरे-धीरे गाड़ियां नदी पार करती हुई देखी जा सकती है। लोग नाव के सहारे नदी के पार आ रहे हैं। लेकिन नदी में बहाव तेज हो चुका है।
गागन में पानी स्थिर
गागन नदी का जलस्तर 189.25 मीटर पर स्थिर है। वहीं रामगंगा नदी मेें 19 अगस्त को जलस्तर 188.550 मीटर था, चौबीस घंटे में जलस्तर बढ़कर 189.29 मीटर पर पहुंच गया है। जबकि रामगंगा में रेलवे पुल पर बने खतरे का निशान 190.6 मीटर का है। कालागढ़ डैम 365.300 मीटर खतरे का निशान है, जबकि मौजूदा जलस्तर 346.100 पर स्थिर है। हरेवली बैराज पर 230.250 मीटर पर खतरे का निशान है। मौजूदा समय में 225.85 जलस्तर है। यहां 393 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
वर्जन
24 घंटे में जलस्तर बढ़ा है। लेकिन बाढ़ जैसे हालात बिल्कुल नहीं है। कालागढ़ डैम से पानी छोड़ने की स्थिति बनने में 20 से 25 दिन लगेंगे। - मनोज कुमार सिंह, बाढ़ खंड