मुरादाबाद। रामगंगा नदी के जलस्तर में चढ़ाव और उतार जारी है। लगातार दो दिन जलस्तर में दो मीटर की बढ़ोत्तरी होने के बाद बुधवार को 0.240 मीटर की कमी दर्ज की गई। जलस्तर में उतार होने के बाद किनारे पर बसे गांवों के किसानों ने राहत की सांस ली। हालांकि पहाड़ों पर बारिश होने से जलस्तर दोबारा बढ़ने की आशंका से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
बता दें कि बीते तीन दिनों से रामगंगा नदी का जलस्तर में दो मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। मंगलवार को रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से सवा मीटर नीचे था। लेकिन बारिश का पानी होने की वजह से बुधवार को जलस्तर तेजी से नीचे आया है। अफसरों की माने तो बारिश कम होने की वजह से जलस्तर नीचे आने की संभावना बनी हुई है। लेकिन मौसम के रुख पर बहुत कुछ निर्भर करता है। जलस्तर कम होने से रामगंगा नदी के किनारे बसे गांव के लोगों को बहुत राहत मिली है। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने साफ कहा है कि बाढ़ जैसे हालात बिल्कुल नहीं। रामगंगा नदी में कालागढ़ डैम से पानी छोड़ने की नौबत तभी आएगी अगर पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश होना जारी रहती है। डैम में खतरे के निशान से 19 मीटर नीचे जलस्तर है।
तिथिवार रामगंगा नदी का जलस्तर :
20 अगस्त 189.290 मीटर
21 अगस्त 189.040 मीटर
बारिश में कमी आने से रामगंगा के जलस्तर में कमी हुई है। गागन नदी का जलस्तर भी कुछ सेंटीमीटर कम हुआ है। इसके बावजूद सतर्कता पूरी रखी जा रही है। - महेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड