मुरादाबाद। शनिवार को पांच विभागों की बैठक में मरम्मत के लिए रामगंगा पुल को बंद करने का लिया गया निर्णय हवाहवाई साबित हुआ। दो महीने के लिए बगैर समन्वय स्थापित किए बना प्लान पहले दिन ही जमीन पर धड़ाम हो गया। अस्थायी बस अड्डे के लिए जगह देने से एमडीए के इंकार के बाद सोमवार को भी रामगंगा पुल पर वाहनों की आवाजाही होती रही। वहीं रामगंगा पुल के बंद होने की घोषणा से जामा मस्जिद चाैराहे और पुल पर जाम की स्थिति बन गई। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुरादाबाद से काशीपुर, बाजपुर और रामपुर को जोड़ने वाले शहर के गुलाबबाड़ी चुंगी के पास बने रामगंगा पुल की दो बेयरिंग छह महीने से खराब है। इस पुल से रोजाना करीब 44 हजार वाहन गुजरते हैं। मरम्मत के लिए रामगंगा पुल दो महीने के लिए बंद किया जाना है। जिसे लेकर शनिवार को एसपी ट्रैफिक कार्यालय में जिला प्रशासन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और परिवहन निगम के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें सोमवार से रामगंगा पुल दो महीने के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया। साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर में अस्थायी बस अड्डा बनाकर बसों के संचालन पर सहमति बनी थी। इस प्लान के तहत पीतलनगरी डिपो से संचालित चंदाैसी, संभल, अलीगढ़, आगरा के अलावा ठाकुरद्वारा, हल्द्वानी, काशीपुर, रामनगर, लखनऊ के लिए रोडवेज की बसों की रवानगी अस्थायी बस अड्डे से होनी थी। वहीं मुरादाबाद डिपो की रामपुर, बरेली और लखनऊ जाने वाली बसों का भी संचालन ट्रांसपोर्ट नगर होना था। लेकिन ऐन वक्त पर सोमवार को एमडीए ने ट्रांसपोर्ट नगर पर अस्थायी बस अड्डे के लिए जगह देने से मना कर दिया। इसके बाद रामगंगा पुल बंद करने की योजना धड़ाम हो गई। रामगंगा पुल बंद नहीं हो सका। इस आधी अधूरी व्यवस्था के कारण रामगंगा पुल की मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका।
दूसरी ओर रामगंगा पुल बंद करने की घोषणा से जामा मस्जिद चाैराहे और पुल पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। इस कारण सोमवार को दिनभर यहां जाम की स्थिति बनी रही।
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- ठेकेदार ने मरम्मत के लिए रामगंगा पुल के पास उपकरण और सामान रख दिया है। लेकिन सोमवार को दिनभर की कवायद के बाद भी पुल बंद नहीं हो सका। इस कारण पुल मरम्मत का काम शुरू नहीं हाे सका। - कुलदीप संत, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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एमडीए ने सीवर लाइन, नाला क्षतिग्रस्त होने की जताई आशंका
- एमडीए वीसी शैलेष कुमार ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर में गति शक्ति योजना कार्यशील है। यहां कई भूखंडों की बिक्री हो चुकी है। सीवर लाइन बिछाई गई है। रोडवेज बसों की आवाजाही से नाले और सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो जाएगी। इस वजह से अस्थायी बस अड्डे के लिए जगह नहीं दी गई।
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गलतफहमी में 16 किमी का लगाना पड़ा चक्कर
पुलिस की तरफ से सोमवार को रूट डायवर्जन की घोषणा के चलते काशीपुर और बरेली के रास्ते आने वाले कार चालक 16 किमी का चक्कर लगाकर शहर में आए। बाद में कार मालिकों को पता चला कि पुल अभी चालू है। बंद नहीं किया गया है। इसके लिए लोग जिला प्रशासन की व्यवस्था को कोसते नजर आए।