दीदार-ए-चांद होने पर 25 या 26 अप्रैल से माह-ए-रमजान का आगाज होगा। इस बार आखिरी रोजा सबसे अधिक अवधि का होगा। जो 15 घंटे 27 मिनट का होगा। यही मुकद्दस रमजान महीने का सबसे लंबा रोजा होगा। इस बार सभी रोजों की अवधि 879 मिनट से लेकर 927 मिनट के बीच होगी। फिलहाल मुस्लिम समुदाय रमजान की तैयारियों में जुटा है।
अगर 24 अप्रैल को चांद का दीदार हो गया तो 25 अप्रैल को पहला रोजा रखा जाएगा। वरना 26 अप्रैल से रमजान महीने की शुरुआत हो जाएगी। इस बार रोजेदारों को पांच या छह रोजे अप्रैल और बाकी झुलसा देने वाली मई की गर्मी में रखने होंगे। पहला रोजा 14 घंटे 39 मिनट का होगा।
मदरसा जामिया नूरिया अशरफुल उलूम के मोहतमिम मौलाना तय्यब कादिरी नईमी ने बताया कि इस बार मुकद्दस रमजान के रोजों की अवधि 879 मिनट से लेकर 927 मिनट के बीच होगी। इस दौरान इबादत के साथ-साथ लॉकडाउन का भी पालन करें। घरों में ही नमाज और तरावीह अदा करें।
आठ या नौ रोजे होंगे लॉकडाउन में
अगर लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ता है तो देश के मौजूदा हालात में रमजान के आठ या नौ रोजे लॉकडाउन में गुजारने होंगे। फिलहाल देश में तीन मई तक लॉकडाउन है। आगे की स्थिति तीन मई के बाद तय हो पाएगी।