मुरादाबाद। बारिश होने के बाद स्मार्ट सिटी बनने की कगार पर खड़े मुरादाबाद की सड़के तालाब में तब्दील हो जाती है। करोड़ों रुपये से नाला सफाई और जलनिकासी के उपाय होने के बावजूद परिणाम सिफर है। शनिवार शाम मूसलाधार बारिश होने के बाद पॉश कॉलोनी रामगंगा विहार और दीनदयाल नगर में पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा जलभराव देखा गया। साईं मंदिर के पास कुछ घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया। स्थिति यह रही कि पार्षद अर्चना को नगर आयुक्त और सहायक नगर आयुक्त को फोन करके बारिश के दौरान ही नालियों की सफाई कराने के लिए गैंग मंगवाना पड़ा। यहां घुटनों तक भरे बारिश के पानी में लोगों की बाइक और गाड़ियां फंस गई। बारिश में फंसने वाले नगर निगम को कोसते हुए जाते हुए सुने गए।
पॉश कॉलोनियों में हाल बुरे थे तो पुराने शहर के मोहल्लों में हालात कोई अच्छे नहीं दिखे। झब्बू के नाले के पास महिला अपने बच्चों के साथ नाले के गंदे पानी के बीच से जाते हुए नजर आईं। रेती स्ट्रीट, बारादरी, निहारयान मोहल्ला, कानून गोयान, असालतपुरा समेत कई मोहल्लों में घुटनों तक पानी भर गया। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई। अवंतिका कॉलोनी में लोगों की माने तो अगर दस मिनट और पानी बरस जाता तो घरों के अंदर पानी पहुंच जाता है। बाहर जलभराव में आधी गाड़ियां डूब गईं। सिविल लाइंस और जैन मंदिर के पास भी जलभराव हुआ।
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खुदाई और गड्ढे बारिश में हुए खतरनाक
एकता द्वार के पास पहले से खुदाई हो चुकी थी शनिवार शाम की बारिश में मिट्टी में फिसलकर लोग गिरे। इतना ही नहीं, गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। बारिश और जलभराव के बीच ये भी खतरनाक हो चुके हैं। कभी भी हादसे हो सकते हैं। कार्यदायी संस्था को यहां मरम्मत के काम जल्द खत्म कराने चाहिए।