डींगरपुर रोड पर मंगलवार को एक झोलाछाप के घर दवाओं का जखीरा पकड़ा गया। एलोपैथिक व आयुर्वेदिक दवाओं की कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नमूने सील कर लिए हैं। झोलाछाप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी है।
मंगलवार को बिना पंजीकरण क्लीनिक चलाने व दवाओं की बिक्री करने की शिकायत पर संज्ञान लेकर टीम पाकबड़ा पहुंची। पहले झोलाछाप कमाल के घर छापेमारी की गई तो भारी मात्रा में दवाएं मिलीं। आरोप है कि झोलाछाप घर को अस्पताल बनाकर मरीजों का इलाज कर रहा था। ऐसे में औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने फोन कर डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र को भी मौके पर बुला लिया।
डिप्टी सीएमओ का कहना है कि घर में चार-पांच चारपाई पड़ी थीं, लेकिन कोई मरीज भर्ती नहीं मिला। वहीं औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने दवाओं के नमूने सील कर जांच के लिए भेज दिए हैं। पाकबड़ा पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई है। हालांकि औषधि प्रशासन विभाग की ओर से लिखित में तहरीर नहीं दी गई है।
- कमाल के घर भारी मात्रा में दवाएं मिली हैं, जोकि बिना पंजीकरण के भंडारण की गई थीं। कई दवाओं की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है। आठ दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
- उर्मिला वर्मा, औषधि निरीक्षक