मुरादाबाद। मृतक आश्रित वर्ग में एक महिला को नौकरी दिलाने के नाम पर रेलवे के कर्मचारी ने उसका यौन उत्पीड़न किया। यह आरोप लगाते हुए पीड़ित ने शिकायत की तो रेलवे महिला आयोग की टीम ने जांच की जिस पर आरोप सही पाए गए इस पर आरोपी को निलंबित कर दिया गया है। कहा गया है कि यदि पीड़ित कानूनी कार्रवाई चाहेगी तो मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
आरोपी कर्मचारी रेलकर्मी रेल प्रबंधक कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मी के पद पर कार्यरत था। पीड़ित महिला का आरोप है कि वह मृतक आश्रित है और रेलवे में नौकरी पाना उसका अधिकार है। इसी सिलसिले में वह डीआरएम कार्यालय जाती रहती थी। इस बीच वहां कार्यरत इस कर्मचारी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसका यौन उत्पीड़न किया। जिसके बाद पीड़ित महिला ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जब यौन शोषण का प्रकरण रेलवे के अधिकारियों के संज्ञान में आया तो जांच के लिए रेलवे महिला आयोग की टीम जुट गई। साथ ही आरोपी का ट्रांसफर मुरादाबाद से हरिद्वार कर दिया गया। फरवरी माह में प्रकरण से संबंधित तथ्यों के आधार पर एसएफ 5 फाइल बनाई गई। ऐसे मामले में विभाग एसएफ फाइल तैयार करता है जिसमें सभी तथ्यों की जांच होती है और फाइल इंक्वायरी ऑफिसर को सौंप दी जाती है। इसके बाद मार्च माह में लॉकडाउन होने के कारण जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। फिर जांच शुरू की गई और अब पांच माह बाद मंगलवार को आरोपी कर्मचारी को दोषी पाते हुए निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक कुछ संगठन आरोपी की पैरवी करने में लगे हुए हैं।
फरवरी में इस प्रकरण का खुलासा हुआ था। जिसके बाद टीम ने जांच शुरू की लेकिन लॉकडाउन के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अब पांच अधिकारियों की सदस्यता वाली टीम ने कर्मचारी को महिला के उत्पीड़न का दोषी पाया है। इसके बाद मंगलवार को उसे निलंबित कर दिया गया है - रेखा शर्मा, सीनियर डीसीएम