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आश्चर्य : दस रुपये की सिगरेट, सौ रुपये जुर्माना और नुकसान दो करोड़ का

Sun, 04 Apr 2021 01:43 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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भारतीय रेल - फोटो : Social media
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दस रुपये की सिगरेट पीते कोई ट्रेन में दिखता है तो रेलवे उससे महज सौ रुपये जुर्माना वसूल करेगा। ये और बात है कि उसी सिगरेट से शताब्दी एक्सप्रेस जैसे अग्निकांड की घटना पर रेलवे दो करोड़ रुपये का नुकसान झेलने को तैयार है। इसके दूसरी ओर स्टेशन पर भीख मांगते पाए जाने पर हजार रुपये और फेरी लगाकर सामान बेचने पर दो हजार रुपये जुर्माना वसूलने का प्रावधान रेलवे अधिनियम में है। शताब्दी एक्सप्रेस अग्निकांड और उस कारण के पीछे जलती सिगरेट होने की पुष्टि के बाद रेलवे के नियम मजाक लगते हैं।

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दो दिन पहले ही बड़ौदा हाउस के अधिकारियों ने अपनी जांच में पुष्टि की है कि सिगरेट के कारण शताब्दी एक्सप्रेस के कोच में आग लगी थी। रेलवे के मुताबिक एक कोच को बनाने में तकरीबन दो करोड़ रुपये खर्च होते हैं। जबकि इंजन को बनाने में कुल खर्च 48 करोड़ रुपये आता है। इस प्रकार इंजन समेत 24 बोगियों वाली एक ट्रेन की लागत लगभग 100 करोड़ रुपये बैठती है। इस भारी भरकम खर्च और मेहनत को नष्ट करने का कार्य एक सिगरेट की छोटी सी चिंगारी कर सकती है।

शताब्दी अग्निकांड के बाद से रेलवे ने धूम्रपान निषेध अभियान के तहत मुरादाबाद से 129 लोगों को ट्रेन में सिगरेट, बीड़ी पीते हुए पकड़ा है। इनसे बतौर जुर्माना 24,200 रुपये भी वसूले गए हैं। इन्हें चेतावनी देकर छोड़ भी दिया गया है। ये अलग बात है कि इनमें से किसी की सिगरेट या बीड़ी से यदि एक और शताब्दी अग्निकांड जैसी घटना हो जाती तो रेलवे करोड़ों का नुकसान उठाने के लिए तैयार था।
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भीख मांगने पर धूम्रपान से 10 गुना ज्यादा जुर्माना
रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 144 के अनुसार रेलवे स्टेशन पर भीख मांगने वाले व्यक्ति से एक हजार रुपये जुर्माना वसूला जा सकता है। इसके अलावा रेलवे की बिना अनुमति के रेलवे स्टेशन पर फेरी आदि लगाने पर दो हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। इन दोनों कार्यों से इतनी बड़ी क्षति रेलवे को नहीं हो सकती जितनी कि धूम्रपान से हो रही है।

अब 19 तक चलेगा धूम्रपान निषेध अभियान
रेलवे द्वारा चलाए जा रेह धूम्रपान निषेध अभियान की अवधि 15 दिन के लिए बढ़ाई गई है। 15 मार्च से रेलवे द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान को चार अप्रैल को पूरा होना था लेकिन अब 19 अप्रैल तक इसे चलाया जाएगा। शताब्दी एक्सप्रेस अग्निकांड की जांच रिपोर्ट आने के बाद रेलवे प्रशासन ने इस अभियान को और गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।

ट्रेनों में धूम्रपान करने वाले लोगों से वसूला जाने वाला जुर्माना रेलवे के नियमों के अनुसार है। लोगों की जागरूकता से ही शताब्दी जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है। साथ ही रेलवे की टीम यात्रियों को जागरूक करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। धूम्रपान निषेध अभियान की अवधि 15 दिन के लिए बढ़ाई गई है।
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- रेखा शर्मा, सीनियर डीसीएम

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