दिया था तीन दिन का अल्टीमेटम
20 दिसंबर को रेलवे ने 85 दुकानों पर लाल निशान लगाए और नोटिस चस्पा किए कि 26 तक दुकान खाली करें, अन्यथा कार्रवाई होगी। 26 दिसंबर को रेलवे की इंजीनियरिंग टीम आरपीएफ को लेकर मौके पर पहुंच गई। तब नगर विधायक लोगों के समर्थन में उतरे और डीआरएम संग्रह मौर्य से वार्ता की। जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों के बीच भी बातचीत हुई। इसके बाद रेलवे की टीम व्यापारियों को तीन दिन का समय देकर लौट गई थी। 29 दिसंबर को अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
रेलवे की कार्रवाई न्यायपूर्ण नहीं है। जब तक दूसरे स्थान पर दुकानें लगाने की व्यवस्था प्रशासन द्वारा नहीं की जाती, तब तक हमारा विरोध जारी रहेगा। - संजय अरोड़ा
दुकानों का प्रकरण न्यायालय में चल रहा है। जब तक कोर्ट का जजमेंट नहीं आ जाता, तब तक रेलवे कैसे कार्रवाई कर सकता है। जनवरी में मामलों की सुनवाई होनी है। - गौरव गुप्ता
165 दुकानों पर 10 हजार लोग निर्भर हैं। रोजगार जाने से लोग सड़क पर आ जाएंगे। हमारे पास कोर्ट में दाखिल रिट का विवरण है। रेलवे ने अपने वकील से अपडेट सूची नहीं निकलवाई है। - कमल कुमार
हम 10 दिन से रेलवे, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं। दुकानों को हटाना व्यापारियों के साथ अन्याय होगा, जब तक उनके लिए दूसरे स्थान पर व्यवस्था न की जाए।- भरत अरोड़ा
स्टेशन रोड पर 85 दुकानों को हटाने के लिए व्यापारियों को तीन दिन का समय दिया था, जोकि सोमवार को पूरा हो जाएगा। नोटिस के मुताबिक इंजीनियरिंग टीम व आरपीएफ मौके पर पहुंचेंगी। जिला प्रशासन से समन्वय कर शांतिपूर्ण तरीके से अतिक्रमण हटाने का प्रयास है। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम