बढ़ती शिकायतों के कारण हुआ निर्णय
रेल यात्री अक्सर एक्स पर खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए शिकायत करते हैं। कई बार खाने में गंदगी की शिकायतें भी आई हैं। इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमता वाले सेंसर में इस प्रकार फीडिंग की जाएगी कि यदि भोजन बनाने वाले कर्मचारी ने शेफ वाला कैप नहीं पहना होगा तो भी पता चल जाएगा। जहां भोजन बनता है, वहां की सीधी निगरानी कैमरों से होगी।
सावन माह में सात्विक भोजन का विकल्प
सावन के दौरान आईआरसीटीसी यात्रियों को सात्विक भोजन का विकल्प भी दे रहा है। इसमें बिना लहसुन-प्याज का खाना यात्रियों को परोसा जाता है। आईआरसीटीसी का दावा है कि अलग बर्तन में यह खाना तैयार होता है। नवरात्र व सावन में यात्रियों को यह विकल्प दिया जाता है। आईआरसीटीसी के फूड ऑन ट्रैक एप पर इस संबंध में जानकारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यात्री इस एप को काफी पसंद कर रहे हैं।
मुरादाबाद में तीन व बरेली में एक बेस किचन है। इनमें सीसीटीवी कैमरों व एआई से निगरानी करने की योजना है। इससे यात्रियों को शुद्ध व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में सहायता होगी। ट्रेनों की पैंट्रीकार में भी समय-समय पर अभियान चलाया जा रहा है। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम