मुरादाबाद। रेल मंडल में मुरादाबाद से बरेली के बीच रेल पटरियां बेहद खराब हैं। इस सेक्शन में कमजोर ट्रैक के कारण तीन बड़े रेल हादसे हो चुके हैं। इतना नहीं पिछले साल आई सेफ्टी ऑडिट टीम ने भी निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट में मुरादाबाद की सबसे ज्यादा खराब रेल पटरियां इस सेक्शन की ही बताई थीं। जिन्हें तत्काल बदलने की सलाह भी दी गई। पटरियां घिसकर मानक से पतली हो चुकी हैं और जोड़ों के बीच गैप मानक ज्यादा हो चुका है। इसके बावजूद भी अब तक पटरियां नहीं बदली जा सकी हैं।
बार बार मेगा ब्लाक लेकर यात्रियों को तो खूब परेशान किया जा रहा है, लेकिन पटरियां बदलती दिखाई नहीं दे रहीं हैं। मुरादाबाद रेल मंडल में मिलक और नगरिया सादात के बीच गुरुवार सुबह मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए थे। शुरुआती जांच में सामने आया कि पटरियां टूटने की वजह से हादसा हुआ था। हालांकि अभी विस्तृत जांच रिपोर्ट आनी बाकी है, लेकिन सेफ्टी ऑडिट टीम की रिपोर्ट और लगातार इस सेक्शन में सामने आ रहे ट्रैक टूटने और चटकने के मामले इस बात की गवाही दे रहे हैं कि पटरियां कमजोर हो चुकी हैं। रामपुर में कोसी नदी के पुल के पास 15 अप्रैल 2017 को राज्यरानी एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस हादसे की जांच में भी सामने आया था कि पटरियां घिसकर मानक से पतली हो गई थीं। जिस कारण ट्रेन के पहिये पटरी से उतरे थे। इसके अलावा धमौरा में 22 नवंबर 2018 खाली पैसेंजर ट्रेन के आठ डिब्बे और गार्ड बोगी भी पटरी से उतर गई थी। इस मामले की जांच की गई थी। जिसमें सामने आया था कि हादसा पटरियां चटकने की वजह से हुआ था। डीआरएम तरुण प्रकाश का कहना है कि पटरियाें को बदलने का कार्य चल रहा है। मेगा ब्लाक लेकर पटरियां और स्लीपर बदले जा रहे हैं।