रंजिश के कारण केस में शामिल कराया था नाम
पूर्व प्रधान हारून सैफी ने बताया कि जिस वक्त कासिम की हत्या की गई थी। तब मैं उमरा करने सऊदी अरब गया था। मैं पाकबड़ा का प्रधान था। कुछ लोग मुझसे रंजिश रखते थे। पुलिस ने कुछ लोगों के दबाव में मेरा नाम केस में शामिल कर दिया था।
हाईकोर्ट में करेंगे अपील
आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी के पिता साबिर हुसैन फैसले से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि हारून सैफी ने मेरे बेटे की हत्या कराई थी। कासिम ने आरटीआई के जरिये पाकबड़ा में किए गए विकास कार्याें की जानकारी मांगी थी। इसी बात से हारून मेरे बेटे से रंजिश रखता था। हत्या में अलका दुबे और कुलदीप भी शामिल थे। अब वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
थाने में तोड़फोड़ और हाईवे पर लोगों ने किया था हंगामा
विकास चौधरी कासिम सैफी को अगवाकर शामली ले गया था। आरोपी ने जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी थी और लाश गन्ने के खेत में फेंक दी थी। पुलिस ने विकास चौधरी को गिरफ्तार कर शामली से कासिम की लाश बरामद की थी।
11 जनवरी 2019 को कासिम का शव पाकबड़ा लाया तो लोग भड़क गए और उन्होंने थाने में तोड़फोड़ कर दी थी और हाईवे पर जाम लगाकर हंगामा किया था। उन्होंने पूर्व प्रधान की गिरफ्तारी की मांग की थी। पूर्व प्रधान हारून विदेश से लौटकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।