मुरादाबाद। नागरिकता कानून के विरोध में शहर के हुसैनी सराय, थाना गलशहीद, डिप्टीगंज, बारादरी, तहसील स्कूल, लाल मस्जिद, गंज बाजार, स्टेशन रोड, लालबाग, कटघर, नवाबपुरा, नागफनी, पीरजादा, जामा मस्जिद, मकबरा, पीरगैब, करुला, मोहल्ला जिगर, हरथला, आबिद मार्केट, करूला, रहमतनगर, धीमरी रोड, कोहिनूर का चौराहा समेत शहर के सभी स्थानों पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। तमाम दुकानदारों ने बंद दुकानों पर काले गुब्बारे भी लगाए। इससे लोगों को खासी असुविधा हुई। प्रदर्शन के चलते शहर की अधिकांश सड़कों पर करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। ब्यूरो
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मुरादाबाद। प्रदर्शनकारी हाथ में गैस भरे काले गुब्बारे भी लिए थे। जहां तहां उसे हवा में छोड़ रहे थे। जामा मस्जिद चौराहा के निकट प्रदर्शनकारियों द्वारा छोड़ा गया एक गुब्बारा उड़ते हुए वहां पड़ोस में स्थित ओवरहेड टैंक में लगे मधुमक्खी के एक छत्ते में जा लड़ा। जिसके बाद मधुमक्खी उड़कर नीचे प्रदर्शनकारियों की तरफ आने लगीं। एक दो प्रदर्शनकारियों को मधुमक्खी ने डंक भी मार दिया। जिससे कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि नीचे आईं मधुमक्खी जल्दी ही पुन: अपने छत्ते में पहुंच गईं। जिसके बाद ही प्रदर्शनकारियों ने कुछ राहत की सांस ली। ब्यूरो
राहत इंदौरी के शेरों की रहीं धूम
मुरादाबाद। नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन करने यहां सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी हाथ में तरह-तरह के नारों लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे और नारे लगा रहे थे। इनमें सबसे अधिक तख्तियों पर राहत इंदौरी का वह शेर ‘सभी का खून शामिल है यहां की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है’, और नारों में कन्हैया के नारे ‘लड़कर लेंगे आजादी, बिसमिल वाली आजादी, अशफाक उल्ला वाली आजादी, भगत सिंह वाली आजादी, की धूम रही। इसके अलावा तख्तियों पर ‘वतन भी जान है मेरी, मजहब भी जान है मेरी, न इस्लाम छोड़ूूंगा न हिंदुस्तान छोड़ूंगा’, नागरिकता कानून वापस लो, ‘हम अकेले नहीं लड़ रहे, ‘संघ नहीं संविधान रहेगा’, कैब नहीं स्वीकार, संविधान हमारा अधिकार’, आदि नारे लिखे थे। तमाम लोग ऐसे भी थे जिनके हाथ में थमी तख्ती पर सीधे तौर पर ग्रह मंत्री अमित शाह को तानाशाह न लिख पर सिर्फ ‘ताना’ लिखा था और उसके आगे ‘शाह’ (अमित) का फोटो बना था। ब्यूरो