आठ मार्च को सुभोभित ऋषिकेश फूल चट्टी के पास गंगा नदी में डूब गए थे। आठ दिन से लगातार टीमें शव की तलाश में जुटी थी। बुधवार सुशोभित यादव का शव पशुलोक बैराज में फंसा मिला है। जिस जगह मनो विज्ञानी डूबे थे। यहां से पशुलोक बैराज की दूरी सात किलोमीटर की दूरी है।
एक सप्ताह से सुबक रहे थे परिजन
गन्ना विभाग में सचिव के पद पर तैनात श्रीपाल सिंह यादव के छोटे बेटे सुशोभित यादव का होली पर घर में इंतजार किया जा रहा था। मां आशा देवी और भाभी उनके लिए विशेष पकवान बना रही थीं। पिता और भाई भी इसी इंतजार थे कि अब घर का लाडला आएगा और होली मिलेगा लेकिन इसी दौरान आए एक फोन कॉल ने होली की खंशिया मातम में बदल दी थीं। इसके बाद परिजन ऋषिकेश चल गए थे। तब से शव की तलाश करा रहे थे। बुधवार को टीम ने शव बरामद किया। इसके बाद एम्स में शव का पोस्टमार्टम किया गया। बुधवार देर रात परिजन शव लेकर घर आए तो आस पड़ोस के लोग जुट गए। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
मित्र से ही शादी करना चाहते थे सुशोभित
मोहित ने बताया कि छोटे भाई की शादी की तैयारियां चल रही थीं। सुशोभित दिल्ली निवासी अपनी मित्र से ही शादी करना चाहते थे। इसे लेकर उन्होंने घर में चर्चा भी की थी। कुछ दिन बाद ही शादी की तारीख तय करनी थी लेकिन उससे पहले ही ऐसा हादसा हो गया। जिसने सभी खुशियां मातम में बदल दीं।