डीएम जुहैर बिन सगीर के खिलाफ कुंदरकी क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन कर उन्हें हटाने की मांग की है। डीएम और कुंदरकी विधायक हाजी रिजवान पर जमीनों पर कब्जा कराने समेत तमाम संगीन आरोप लगाते हुए ग्रामीणाें ने कमिश्नरी पर हंगामा किया।
खुद को भाजपाई बता रहे प्रदर्शनकारियों ने कमिश्नर के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर जिलाधिकारी को हटाने की मांग की है। चार दिन पहले भी डीएम के खिलाफ हुई शिकायत पर सीएम आफिस से जांच बैठाई जा चुकी है।
प्रदर्शनकारी कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र के गांव दलपतपुर, अक्का डिलारी, मोहम्मदपुर बस्तौर, चक फाजलपुर आदि गांवों से आए थे। इन्होंने डीएम के साथ ही कुंदरकी विधायक हाजी रिजवान के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी कमिश्नर एल वेंकटेश्वर लू से मिले और उन्हें मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में डीएम पर आरोप है कि लंबे वक्त से मुरादाबाद में तैनात जुहैर बिन सगीर चार्ज लेने के बाद से ही सपा के एजेंट के रूप में काम करते रहे हैं। आरोप है कि आरएफसी, एसएफसी और एफसीआई कल्याण निगम गेहूं क्रय केंद्र उन्होंने सपा जिला महासचिव संजीव यादव और कुंदरकी विधायक के बेटे हाजी उवैस उर्फ कल्लन को बैकडोर से आंवटित कर दिए।
जहां बिचौलियों का गेहूं खरीदा जा रहा है। डीएम पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के साथ ही लोहिया आवासों के आवंटन में भी गड़बड़ी करने के आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने डीएम पर खनन सिंडिकेट से मिला होने के आरोप लगाने के साथ ही उनके ओएसडी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
आरोप है कि ओएसडी को सेवानिवृत्त हुए एक साल बीत गया लेकिन राजदार होने की वजह से डीएम ने उन्हें अभी तक ओएसडी बना रखा है। प्रदर्शनकारियों में अधिवक्ता दुष्यंत राज चौधरी, मोहम्मद यासीन, इंद्रपाल सिंह, महिपाल सिंह, मनीष कुमार, मोहम्मद शफीक आदि शामिल थे।
हालांकि बैकडोर से इस प्रदर्शन को भाजपा का ही एक खेमा गाइड करता रहा। दुष्यंतराज चौधरी ने पिछले दिनों जमीन पर कब्जे के एक मामले में डीएम और सपा विधायक हाजी रिजवान की शिकायत सीएम से की थी। एसपी सिटी इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं।