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कोर्ट से छूटे संगीन मामलों में अपील करेगा अभियोजन: डीजी

Sat, 02 Jul 2016 10:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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 डीजी प्रोसीक्यूशन सूर्यप्रकाश शुक्ला ने शुक्रवार को मुरादाबाद में कहा कि साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट से छूटे संगीन गुनाहों के मामलों में अभियोजन ऊपरी अदालतों में अपील करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया कि अपराधियों को सजा दिलाने के मामले में यूपी पहले नंबर पर पहुंच गया है।
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पुलिस अकादमी में पत्रकार वार्ता में डीजी प्रोसीक्यूशन ने कहा कि जिन संगीन अपराधों में अभियुक्त सेशन कोर्ट से साक्ष्यों के अभाव में छूटे हैं उन मामलों में अब अभियोजन की ओर से हाईकोर्ट में अपील करेगा। डीआईजी अशोक कुमार सिंह पर जानलेवा हमले और दिनदहाड़े हुई बैंक डकैती की घटनाओं में अभियुक्तों के कोर्ट से छूटने के मामलों में डीजी ने कहा कि इनमें अपील के साथ ही उन कारणों की भी विवेचना की जाएगी, जिसकी वजह से संगीन अपराधी कोर्ट से बरी हो गए। उन्होंने कहा कि सजा कराओ अभियान के तहत मुरादाबाद मंडल में 264  अपराधियों को 10 वर्ष से अधिक की सजा कराई गई।

1245 अपराधियों को 10 वर्ष तक की सजा हुई जबकि 7581 अपराधियों की जमानत निरस्त कराई गई। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी जिनके रिहा होने से समाज में दहशत फैलती है, उनकी जमानत नहीं होने दी जाएगी। महानिदेशक अभियोजन ने कहा कि 250 ग्रामीण अदालतें चलाई जाएंगी। जिलों में फिर से फास्ट ट्रैक कोर्ट संचालित किए जाएंगे। अपराधियों को सजा दिलाने व सरकारी अधिवक्ताओं की कमी दूर करने के लिए रिटायर्ड जज भी अधिवक्ताओं की भूमिका निभा रहे हैं।
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अधिवक्ताओं की कमी को देखते हुए 176 रिटायर्ड वकीलों को फिर से संविदा पर नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा जिन 372 एपीओ ने परीक्षाएं दी हैं उनकी ट्रेनिंग छह महीने बाद शुरू कर दी जाएगी। अभी 70 एपीओ की ट्रेनिंग कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में गवाहों को सम्मानित करने की भी योजना है ताकि लोग गवाही के लिए प्रेरित हों।

पुलिस वक्त से प्रस्तुत करे साक्ष्य
मुरादबाद। पुलिस महानिदेशक अभियोजन ने शुक्रवार को शाम चार बजे पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के साथ बैठक करके निर्देश दिए कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पैरवी तेज करें, वक्त से कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत करें। मीटिंग में उन्होंने कहा कि अभियोजन विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियानों में सभी विभागों का सहयोग अनिवार्य है। आपसी सहयोग से ही अपराधियों को सजा दिलाई जा सकती है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका गवाहों की है। इसलिए गवाहों को विश्वास में लेने और उन्हें सुरक्षा मुहैया करना अभियोजन का पहला उद्देश्य है।

बैठक में एसएसपी नितिन तिवारी, संयुक्त निदेशक अभियोजन रमेश चंद्र शर्मा, अपर निदेशक अभियोजन शशिकांत शर्मा, एसपी देहात सुजाता सिंह समेत अभियोजन एवं पुलिस विभाग के तमाम अधिकारी उपस्थित थे।
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