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Moradabad News: 23 खनन माफिया की संपत्ति हुई कुर्क, फिर 22 माफिया हो गए तैयार

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मुरादाबाद। अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए 23 माफिया की करोड़ों रुपयों की संपत्ति कुर्क की गई थी। जिसकी रिपोर्ट शासन तक भेजी गई। लेकिन फिर से 22 माफिया सक्रिय हो गए। इन माफिया ने अपने वाहन पास कराने के लिए पूरा एक नेटवर्क तैयार कर रखा था। भोजपुर में पकड़े गए एक संदिग्ध के मोबाइल की जांच में पता चला कि माफिया खनिज लदे वाहनों को पास कराने के लिए अधिकारियों की रेकी करते थे। पुलिस टीमें इन आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
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ठाकुरद्वारा में 13 सितंबर 2022 को खनिज लदे डंपरों को ठाकुरद्वारा के तत्कालीन एसडीएम परमानंद सिंह और खनन अधिकारी ने रुकवा लिया था। चेकिंग में पता चला था कि चालकों के पास कोई दस्तावेज नहीं थे। इसी दौरान खनन माफिया ने भीड़ को उकसा कर एसडीएम और खनन अधिकारी पर हमला कर दिया था। इस मामले में पांच नाजमद और 150 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जांच में 23 खनन माफिया के नाम सामने आए थे। इस मामले में में फरार चल रहे डिलारी के कांकरखेड़ा निवासी जफर की तलाश में पुलिस और एसओजी लगी थी। 12 अक्तूूबर 2022 की शाम पांच बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि जफर कमालपुरी चौराहे के पास है। पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी फायरिंग करते हुए भाग गया था। पुलिस भी पीछा करते हुए उत्तराखंड के भरतपुर गांव में पहुंच गई। यहां आरोपी एक मकान में घुस गय था। पुलिस टीम मकान में पहुंची तो आरोपी जफर और वहां पहले से लोगों ने दरवाजा बंद कर लिया था। इसके बाद सभी ने पुलिस कर्मियों को लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया था। इस मामले में केस दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद अफसरों ने ठाकुरद्वारा में कई दिन तक डेरा डाला था और पूरे मामले की जांच कराई थी। तब पता चला था कि एसडीएम और खनन अधिकारी पर हमला करने में जफर के अलावा 21 और आरोपी शामिल थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ गैंगस्टर में कार्रवाई करते हुए सभी के संपत्ति कुछ कर ली थी। इसके बाद लगा कि अवैध खनन पर अंकुश लग जाएगा लेकिन इसके बाद ही एक नया गैंग तैयार हो गया। इस गैंग में काशीपर, ठाकुरद्वारा, भोजपुर, भगतपुर,अमरोहा और संभल 22 लोग शामिल हैं। आरोपी अफसरों की रेकी करते हैं और हाईवे पर पुलिस और अफसरों की सक्रियता जैसे ही कम होती है। वाहन निकलवा देते हैं।

एसआईटी अब तक पूरी नहीं कर पाई पुलिस टीम पर हमले की जांच

मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा में एसडीएम और खनन अधिकारी पर हमला कराने वालों में शामिल रहे जफर की तलाश में पुलिस और एसओजी उत्तराखंड के भरतपुर गांव पहुंच गई थी। यहां पुलिस टीम पर हमला हुआ था। इस दौरान घर में मौजूद महिला की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर दोनों प्रदेशों की पुलिस आमने सामने आ गई थी। ठाकुरद्वारा में जफर और अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस टीम पर हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जबकि पुलिस कर्मियों के खिलाफ कुंडा थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद मुरादाबाद के तत्कालीन एसएसपी ने एसपी देहात के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था जबकि उधम सिंह नगर के एसएसपी ने भी एसआईटी का कहना किया। अब तक दोनों ही टीमें अपनी जांच पूरी नहीं कर पाई हैं। भले ही दोनों प्रदेशों की एसआईटी जांच पूरी नहीं कर पाई है लेकिन खनन माफिया फिर से सक्रिय हो गए हैं।
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अवैध खनन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। खनन अधिकारी की ओर से एक केस दर्ज किया गया है। जिसमें 22 आरोपी हैं। पुलिस टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
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संदीप कुमार मीना, एसपी देहात
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