कांठ विधानसभा सीट को लेकर सपाई और कांग्रेसियों के गठबंधन में गांठ पड़ गई है। जिले की छह विधानसभा सीटों में से केवल एक सीट कांठ कांग्रेस के खाते में गई है, जबकि कांग्रेस नेता शहर और ठाकुरद्वारा सीट भी मांग रहे हैं। उधर सपा नेता सभी छह सीटों पर लड़ने की बात कह रहे हैं।
इसे लेकर जिले में गठबंधन की ‘घंटी’ किसके गले में बंधेगी, इस पर असमंजस बना है। सपा और कांग्रेस में गठबंधन की बात सामने आने पर जिले के विधायकों की धड़कने बढ़ गई थी। विधायकों ने अपने-अपने तर्क से जिले की सभी सीटें सपा के खाते में रहने का दावा किया था।
गुरुवार को विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस में गठबंधन की मुहर लग गई। गठबंधन में रालोद के बाहर होने के बाद कांग्रेस के हिस्सों में सौ सीटों आई हैं। इन सौ सीटों जिले की कांठ विधानसभा सीट भी शामिल है।
यहां साइकिल और पंजे का संयुक्त उम्मीदवार खड़ा होगा। फिलहाल इस सीट पर पीस पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतकर सपा मेें शामिल होने वाले अनीसुर्रहमान काबिज हैं।