मुरादाबाद। लोकसभा में पारित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक के विरोध में आईएमए के आह्वान पर बुधवार को निजी अस्पताल बंद रहेंगे। इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ओपीडी नहीं चलेंगी। निजी अस्पतालों के बंद होने से मरीजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
आईएमए अध्यक्ष डा. बीपीएस लोचब ने बताया कि विधेयक डाक्टरों के हित में नहीं है। इससे इलाज और चिकित्सा सुविधाएं महंगी होंगी और बोझ मरीजों की जेब पर पड़ेगा। आईएमए ने इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ छह महीने के ब्रिज कोर्स कर यूनानी या आयुर्वेदिक चिकित्सक एमबीबीएस चिकित्सक की बराबरी नहीं कर सकता है। बिल पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। मेडिकल कॉलेज की 50 फीसदी सीटें ओपन करने, एमबीबीएस में पांच साल पढ़ाई के बाद एग्जिट एग्जाम सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि बुधवार को निजी अस्पताल बंद रहेंगे। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं बहाल रहेंगी।