आठ साल पहले पत्नी को छोड़ दिया था
मौत की सूचना मिलने के बाद बंदी के परिवार के पांच सदस्य मोर्चरी पहुंचे थे। बंदी के तहेरे भाई ओमपाल और उसकी बहन ओमवती ने बताया कि मुन्नू की शादी नाथपुर छजलैट की रहने वाली संतोष से हुई थी लेकिन विवाद होने पर पत्नी मुन्नू को छोड़कर चली गई। संतोष से कोई संतान नहीं हुई थी।
विसरा और हार्ट सुरक्षित, 18 घंटे पहले हुई मौत
डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम के दौरान बंदी मुन्नू के विसरा और हार्ट को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया। पुलिस का कहना था कि आवश्यकता पड़ने पर परिजन इस मामले में अन्य जांच करा सकते हैं। आशंका है कि बंदी की मौत हार्ट अटैक के चलते हुई है।
डॉक्टरों की समीक्षा के दौरान पता चला कि बंदी की मौत पोस्टमार्टम कराने से करीब 18 घंटे पहले हुई थी। इस मामले में जेलर मृत्युंजय पांडे का कहना है कि जनवरी से बंद होने के बाद परिजन उसे देखने के लिए नहीं आए। अब आरोप लगा रहे हैं। बंदी आर्थिक रूप से कमजोर था। तबीयत खराब होने पर जेल के डॉक्टर उसका पहले भी इलाज कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि उन्होंने बंदी के मुकदमे को हल कराने के लिए उसका केस लोक अदालत के समक्ष पेश कराया था। शनिवार को भी लोक अदालत में उसके मुकदमे की सुनवाई हुई थी। सुनवाई के बाद ही उसकी तबीयत खराब हुई तो बचाया नहीं जा सका। जेल प्रशासन ने उसके इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती थी। जेल प्रशासन ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट राज्य मानवाधिकार आयोग और मुख्यालय को भेज दिया है।