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Moradabad: जेल के विचाराधीन बंदी की संदिग्ध हालात में मौत, परिजनों का आरोप

सार

हरकिशनपुर छजलैट निवासी मुन्नू सैनी को सिविल लाइंस पुलिस ने आबकारी एक्ट के एक वारंट के तहत 16 जनवरी को गिरफ्तार किया था। जेलर मृत्युंजय पांडे ने बताया कि शनिवार शाम सात बजे उसकी तबीयत खराब हो गई। अस्पताल के डॉक्टर ने बंदी को दवा दी लेकिन वह बेहोश हो गया। इसके बाद उसे अस्पताल भेजा गया।
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विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत - फोटो : Social Media
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विस्तार
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जिला जेल में बंदी की शनिवार की शाम तबीयत खराब हो गई। जेल के बंदीरक्षकों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत जेल में हुई है। सिविल लाइंस पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। हालांकि पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों को आशंका है कि बंदी की मौत हर्ट अटैक के चलते हुई है। फिलहाल विसरा सुरक्षित किया गया है।

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हरकिशनपुर छजलैट निवासी मुन्नू सैनी (42) पुत्र स्वर्गीय करन सिंह को सिविल लाइंस पुलिस ने आबकारी एक्ट के एक वारंट के तहत 16 जनवरी 22 को गिरफ्तार किया था। जेलर मृत्युंजय पांडे ने बताया कि शनिवार की शाम सात बजे विचाराधीन बंदी की तबीयत खराब हो गई। बुखार आने पर अस्पताल के डॉक्टर ने बंदी को दवा दी लेकिन वह बेहोश हो गया। स्थिति अनियंत्रित होने पर बंदीरक्षकोें ने उसको जिला अस्पताल में सात बजकर 26 मिनट पर भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 14 मिनट में उसकी मौत हो गई।

सिविल लाइंस पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच बंदी का पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया। बंदी के छोटे भाई नन्हे ने बताया कि जेल से उसके चचेरे भाई गुड्डू को शनिवार को फोन किया गया था। सूचना मिलने पर वह सुबह जेल पहुंचा। बड़े भाई के शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। उसने बताया कि उसका भाई शराब पीता था लेकिन उसको कोई बीमारी नहीं थी। उसे आशंका है कि बड़े भाई मुन्नू की मौत अस्पताल की जगह जेल में ही हुई है। इस मामले में जांच के लिए वह पुलिस से संपर्क करेगा।

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आठ साल पहले पत्नी को छोड़ दिया था

मौत की सूचना मिलने के बाद बंदी के परिवार के पांच सदस्य मोर्चरी पहुंचे थे। बंदी के तहेरे भाई ओमपाल और उसकी बहन ओमवती ने बताया कि मुन्नू की शादी नाथपुर छजलैट की रहने वाली संतोष से हुई थी लेकिन विवाद होने पर पत्नी मुन्नू को छोड़कर चली गई। संतोष से कोई संतान नहीं हुई थी।

विसरा और हार्ट सुरक्षित, 18 घंटे पहले हुई मौत

डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम के दौरान बंदी मुन्नू के विसरा और हार्ट को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया। पुलिस का कहना था कि आवश्यकता पड़ने पर परिजन इस मामले में अन्य जांच करा सकते हैं। आशंका है कि बंदी की मौत हार्ट अटैक के चलते हुई है।

डॉक्टरों की समीक्षा के दौरान पता चला कि बंदी की मौत पोस्टमार्टम कराने से करीब 18 घंटे पहले हुई थी। इस मामले में जेलर मृत्युंजय पांडे का कहना है कि जनवरी से बंद होने के बाद परिजन उसे देखने के लिए नहीं आए। अब आरोप लगा रहे हैं। बंदी आर्थिक रूप से कमजोर था। तबीयत खराब होने पर जेल के डॉक्टर उसका पहले भी इलाज कर चुके हैं।

उन्होंने बताया कि उन्होंने बंदी के मुकदमे को हल कराने के लिए उसका केस लोक अदालत के समक्ष पेश कराया था। शनिवार को भी लोक अदालत में उसके मुकदमे की सुनवाई हुई थी। सुनवाई के बाद ही उसकी तबीयत खराब हुई तो बचाया नहीं जा सका। जेल प्रशासन ने उसके इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती थी। जेल प्रशासन ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट राज्य मानवाधिकार आयोग और मुख्यालय को भेज दिया है।
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