कुंदरकी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मुरादाबाद की ओर से कुंदरकी ब्लॉक के ग्राम जैतिया फिरोजपुर में राहत चौपाल का आयोजन किया जिसमें अधिकारियों ने बाढ़ की स्थिति में बचाव और क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए जिसके बारे में सचेत किया गया। साथ ही बाढ़ से क्षति होने पर सरकारी योजनाओं से मिलने वाले मुआवजे के बारे में जानकारी दी।गौरतलब है कि कुंदरकी ब्लॉक में रामगंगा नदी और गांगन नदी बहती है जिसमें ज्यादा पानी जाने से हर साल बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। चौपाल में नायब तहसीलदार अभिनय सिंह ने कहा कि बरसात के मौसम में महिलाओं और बच्चों को गांगन नदी के पास नहीं जाने दें और खेतों पर आते-जाते वक्त से किसान नदी के जलस्तर को भी ध्यान में रखें ताकि बाढ़ की स्थिति में किसी तरह की हानि से बचा जा सके। अगर कोई आपदा की स्थिति बनती है तो जिला मुख्यालय पर बना कंट्रोल रूम को सूचना देकर मदद ली जाए। चौपाल में राजस्व निरीक्षक अकबर अली, क्षेत्रीय लेखपाल तेजपाल सिंह एवं आपदा प्रबंधन के अधिकारी राकेश कुमार उपस्थित रहे। वहीं चौपाल में डीलर राकेश कश्यप, मुकेश ठाकुर, रोहन नेताजी, महमूद, रफीक, रवींद्र सिंह, राजेश शर्मा समेत काफी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों में हो रही मानसूनी बारिश का सीधा असर पर रामगंगा, गांगन, ढेला समेत कई नदियों में देखने को मिल रहा है। कुंदरकी ब्लॉक के ग्राम जैतिया फिरोजपुर के रकबे से गुजर रही गांगन नदी का जलस्तर पर बढ़ गया है। जैतिया फिरोजपुर के प्रशासक ठाकुर मनवीर सिंह ने बताया कि तीन दिन पहले से गांगन नदी का जलस्तर बढ़ा है जिसके चलते गांगन नदी पर ही जैतिया फिरोजपुर के रकबे में बना लकड़ी का पुल का डूबने के कगार है। इसी लकड़ी के पुल के सहारे से नदी पार जैतिया के किसान अपने खेतों पर आते-जाते हैं और करीब दो दर्जन गांवों के लोगों का भी आवागमन होता है।
प्रशासन ने रामगंगा और गांगन नदियों के जलस्तर पर नजर रखने और आपदा की स्थिति में राहत व बचाव कार्य के लिए तीन बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। राजस्व निरीक्षक अकबर अली ने बताया कि अहमदनगर जैतवाड़ा, फरहेदी और गांगन तिराहे पर बाढ़ चौकियां स्थापित हैं जिनको पहले से अलर्ट कर रखा है ताकि बाढ़ के हालात बनने पर ग्रामीणों को सचेत करने, जलस्तर की निगरानी और बचाव और राहत कार्य के लिए तैयार रहेंगी।